शक के बाद पुलिस ने की पूछताछ
इस मामले में ग्राम प्रधान के पति पवन कुमार की तहरीर पर पुलिस ने सुभाष, नितीश कुमार, मुनीश, वीरेश, रामबाबू, वीरपाल, बलराम, लाखी, ग्रीश, राजवीर, सत्यपाल, नीरज के अलावा दस अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की तो शक की सुई वादी पक्ष की ओर गई।
नामजद आरोपी को भेजा था जेल
थानाध्यक्ष सौरभ त्यागी ने सबूत जुटाने के लिए पवन का नाम भी जांच में शामिल कर लिया। दबाव में पुलिस ने चार फरवरी को नामजद आरोपी सुभाष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जो अब भी निरुद्ध है।
जांच करवाई ट्रांसफर
जांच के दौरान खुद को घिरता देख पवन ने दबाव बनाने की कोशिश की। जब बात नहीं बनी तो वरिष्ठ अधिकारियों के यहां प्रार्थना पत्र देकर विवेचना थाना सिविल लाइन, मुरादाबाद ट्रांसफर करा दी। इसके बाद थाना सिविल लाइन मुरादाबाद के निरीक्षक अपराध राजेंद्र कुमार ने गांव पहुंचकर दोनों पक्षों के ग्रामीणों से गहन पूछताछ की।
जांच में मिले पुख्ता सबूत
विवेचना में सबूत मिले कि पवन ने ही अपनी मां प्रेमवती को गोली मारी थी और राजनीतिक रंजिश के चलते विपक्षी सुभाष समेत अन्य लोगों को फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। मंगलवार को पुलिस ने प्रधान के पति पवन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने न सिर्फ अपनी मां को गोली मारना स्वीकार कर लिया बल्कि हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद करा दिया।
गोली हाथ पर मारना चाहता था लेकिन सीने पर लगने से चली गई थी जान
ग्राम प्रधान के पति ने विरोधियों को फंसाने के लिए अपनी मां के हाथ पर गोली मारी थी, लेकिन निशाना चूकने से गोली उसके सीने में लगी और उसकी मौत हो गई थी। पुलिस की पूछताछ में पवन ने बताया कि उसने जब फायरिंग की तो दूसरे पक्ष का देवेश दहशत में नीचे गिर पड़ा। यह देख कि अब वह फंस जाएगा, उसने अपनी मां के हाथ में गोली मारकर दूसरे पक्ष के खिलाफ केस बनाने की कोशिश में तमंचे से फायर कर दिया। गोली उसकी मां के सीने में लगी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
थाने के सामने शव रखकर लगाया था जाम : दूसरे पक्ष को फंसाने और खुद को बचाने के लिए मां की मौत के बाद पवन ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए अंतिम संस्कार से पहले अर्थी को बबराला थाने के सामने रखकर जाम लगा दिया था।
शुरुआती जांच में ही आरोपी का नाम आया
इसके बाद पवन की तहरीर के अनुसार ही दूसरे पक्ष के मुख्य प्रतिद्वंदी सुभाष व अन्य लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। शुरुआती जांच में ही पवन का नाम सामने आ गया था। जिस पर उसने विवेचना जिले से बाहर की पुलिस से कराने के लिए आला अफसरों के यहां प्रार्थनापत्र दिए थे।
प्रधान की सास की हत्या के मामले में हत्या मृतका के बेटे ने ही की थी। बबराला व मुरादाबाद सिविल लाइंस थानों से हुई विवेचना में सच सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूला और वो तमंचा भी बरामद कराया जिससे उसने अपनी मां की हत्या की थी। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। - कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी संभल