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UP: मुरादाबाद में बिजली कटाैती से हाहाकार, चक्कर की मिलक में फूटा लोगों का गुस्सा, तीन दिन से पानी को तरसे

Sun, 24 May 2026 02:08 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

भीषण गर्मी के बीच महानगर में बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। कई इलाकों में चार से पांच घंटे तक कटौती और लगातार ट्रिपिंग से लोग परेशान रहे। चक्कर की मिलक में तीन दिन से बिजली-पानी संकट पर लोगों ने प्रदर्शन किया।
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मुरादाबाद में बिजली पानी को लेकर प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चढ़ते पारे के साथ ही महानगर की बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त होती जा रही है। शनिवार को पारा 41 डिग्री के पार रहा। महानगर के सिविल लाइन क्षेत्र सहित अधिकतर इलाकों में बिजली को लेकर हाहाकार मचा रहा। अधिकतर क्षेत्रों में चार से पांच घंटे की कटौती की गई। चक्कर की मिलक में तीन दिन से बिजली नहीं आने से पेयजल को लेकर भी लोगों को गुस्सा फूट पड़ा।

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यहां के लोगों ने बिजली-पानी के संकट के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। महानगर के सिविल लाइन क्षेत्र में भी सुबह 11 बजे बिजली कट गई। यहां डीएम आवास, हिमगिरी कॉलोनी, नवीन नगर, अवंतिका, दीनदयाल नगर, हरथला में बिजली आपूर्ति रही ठप। गंज बाजार, टाउन हॉल, अमरोहा गेट, रेती मोहल्ला और मंडी चौक में हर आधे घंटे में बिजली की ट्रिपिंग होती रही।

दोपहर बाद तीन बजे तक हाहाकार मचा रहा। बिजली अधिकारियों ने फोन ही नहीं उठाए। निगम के वार्ड-25 में करीब 600 घरों वाली चक्कर की मिलक में तीन दिन से समस्या है। हर दस मिनट से बीस मिनट की आपूर्ति के बाद तीन से चार घंटे की कटौती की जा रही है।
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जिसके कारण भीषण गर्मी में लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है। बिजली नहीं होने के कारण यहां के लोगों को पीने के पानी की आपूर्ति भी नहीं मिल सकी। शनिवार को मोहल्ले में इंडिया मार्का हैंडपंप पर पानी भरने के लिए लाइन लगी दिखाई दी। जबकि यह हैंडपंप भी गंदा पानी दे रहे हैं।

यह पानी सिर्फ कपड़े धोने के काम आ रहा है, पीने का पानी लोग खरीदने को विवश हैं। तीसरे दिन भी बिजली न मिल पाने के कारण लोगों को गुस्सा फूट पड़ा, उन्होंने बिजली निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा बुद्धि विहार से लेकर विभिन्न इलाकों में बिजली की जबरदस्त कटौती से लोग का हाल बेहाल रहा।

पानी को लेकर परेशान लोग - फोटो : अमर उजाला
शॉर्ट सर्किट से जलकर केबल नीचे गिरा
नगर के वार्ड-सात में पुराना आरटीओ कार्यालय के सामने मुख्य सड़क पर शनिवार की सुबह 11 बजे मेनलाइन में शॉर्ट सर्किट के कारण एक केबल जलकर गिर गया। गनीमत रही कोई हादसा नहीं हुआ। जिसके कारण डीआईजी कार्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों की बिजली ठप हो गई। करीब एक घंटे बाद बिजली कर्मियों ने केबल को दोबारा ठीक किया।

घरों तक पहुंच रहा गंदा पानी - फोटो : अमर उजाला
चक्कर की मिलक में एबीसी केबल जल गया था। सुबह से केबल बदला जा रहा है। नवीन नगर में ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ गया था, जिसे ठीक करा दिया गया। अन्य स्थानों पर छोटे-छोटे फॉल्ट हुए हैं। टीमें इन्हें ठीक करने में जुटी हैं। किसी बड़े फॉल्ट की सूचना अभी तक नहीं है।
विकास दीप, अधिशासी अभियंता

बिजली नहीं आने से पानी की आपूर्ति भी बाधित - फोटो : अमर उजाला
कहां कितनी बिजली कटौती
 
क्षेत्र बिजली कटौती अवधि
सिविल लाइन 4 घंटे
तंबाकू वालान 4 घंटे
चौकी हसन खां 4 घंटे
बुद्धि विहार 5 घंटे
वसंत विहार 5 घंटे
टाउन हॉल 3 घंटे
जीआईसी 3 घंटे
मानसरोवर कॉलोनी 3 घंटे
कबीर नगर 4 घंटे
सीतापुरी 4 घंटे
तहसील स्कूल 4 घंटे

मुरादाबाद में बिजली पानी को लेकर प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
महानगर में पारकर रोड सहित कई कॉलोनियों में पिछले दो दिनों से बिजली की जबरदस्त कटौती की जा रही है। जिससे लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। मोहम्मद नबी

बिजली सुबह से ही कट जाती है और रातभर आती-जाती रहती है। जिसके कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो रही है, उनके स्वभाव में परिवर्तन आने लगा है। संजीव कुमार

सबसे बड़ी समस्या है कि बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारी फोन नहीं उठाते हैं। जिससे कटौती के दौरान यह जानकारी नहीं हो पाती है कि बिजली कब तक आएगी। सुमन

बिजली आपूर्ति हुई बाधित - फोटो : अमर उजाला
चक्कर की मिलक में तीन दिन से बिजली नहीं रुक रही है। जिसके कारण न तो लोग रात को सो पा रहे हैं और न ही पानी मिल पा रहा है। जिससे भारी दिक्कत है। लीलावती

चक्कर की मिलक में तो पहले से ही गंदे पानी की समस्या है। अब बिजली भी नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण लोगों का जीना दुश्वार है। जगतिया

वार्ड-25 का बहुत बुरा हाल है। यहां पर शुद्ध पेयजल तो लंबे समय से नहीं मिल रहा है। अधिकतर लोग सबमर्सिबल से पानी लेते हैं, बिजली न होने से वह भी ठप है। मुकेश देवी

चक्कर की मिलक में 25 रुपये प्रति गैलेन पीने और खाना बनाने के लिए पानी खरीद रहे हैं। हैंडपंप के पानी से तो सिर्फ कपड़े धोने का काम लिया जाता है। अमित कुमार

हर बार बिजली निगम के लोग दावा करते हैं कि ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि हो रही है। केबल बदले जा रहे हैं। इसके लिए बिजली कटौती भी करते हैं लेकिन समस्या फिर भी हल नही होती। लाखन सिंह
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सभी को पता है कि गर्मियों में लोड बढ़ जाता है। दावा भी व्यवस्था में सुधार का किया जाता है लेकिन जब भी गर्मी पड़ती है तो सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो जाती हैं। एवज

बिजली निगम को आबादी के अनुसार ट्रांसफार्मर रखने चाहिए। नगर निगम को भी कम से कम पेयजल की आपूर्ति तो बरकरार रखनी चाहिए। रेखा

भयंकर गर्मी के बीच पानी न मिलने से लोग नहा भी नहीं पाते। पीने को पानी नहीं है। घरों में गर्मी के कारण रुका नहीं जा रहा है। फिर भी अधिकारी नहीं सुन रहे हैं। भानु
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