मुरादाबाद। साइबर थाने की पुलिस के हत्थे चढ़ा अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के सरगना और उसके साथी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए देशभर के 500 से ज्यादा लोगों से करीब 100 करोड़ रुपये ठग चुके हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूला है कि उन्होंने किसी को डॉक्टर बताकर ठगा तो किसी को इंजीनियर और वैज्ञानिक बताकर चूना लगाया है। देशभर के 18 राज्यों में इनके खिलाफ 37 शिकायतें पंजीकृत मिल चुकी हैं। एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि पकड़े गए नाइजीरियन ने कबूला है कि वह अलग-अलग मैट्रिमोनियल साइटों पर अपलोड होने वाले प्रोफाइल पर संपर्क करता है। किसी लड़की की प्रोफाइल होती है तो खुद बात करता है और किसी लड़के की प्रोफाइल होती तो अपनी गैंग में शामिल संगीता, सुनीता, ममता या फिर किसी अन्य लड़की से बात करवाता है। इसके अलावा आरोपी खुद भी अलग-अलग नाम से डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, प्रोफेसर के नाम पर फर्जी प्रोफाइल बना रखा है। आरोपी ने बताया कि जैसे ही उनके संपर्क में कोई आता है तो उसे बताते हैं कि वह अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा में डॉक्टर, इंजीनियर है। इसके बाद जो लड़के या लड़कियां इनके जाल में फंस जाते हैं तो उन्हें विदेश से पार्सल भेजने की बात करते हैं।
इसके बाद इनका अगला साथी व्हाट्सएप कॉल करके बताता है कि वह एयरपोर्ट से बोल रहा है और पार्सल आया है। शुरुआत में पार्सल का चार्ज लेते हैं फिर कस्टम अधिकारी बताकर डराने लगते हैं पार्सल में विदेशी करेंसी, ड्रग्स, गोल्ड और अन्य सामान है। मनी लाड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी देकर पीड़ितों से रकम ट्रांसफर करा लेते हैं। जिन खातों में साइबर ठगी की रकम आती है। उन खातों से रकम ऑनलाइन किसी दूसरे खाते या डेबिट कार्ड से निकाल लेते हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर चेक करने पर पता चला है कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल, आंधप्रदेश, तमिलनाडू, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, तेलांगना, मणिपुर, झारखंड, बंगाल, बिहार, पंजाब समेत 18 राज्यों में 37 शिकायत पंजीकृत मिली हैं। इसके अलावा नाइजीरियन के खिलाफ कर्नाटक राज्य के उड़प्पी जनपद में साइबर ठगी में भी एक केस दर्ज किया गया है।
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विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर भी की ठगी
मुरादाबाद। मैट्रिमोनियल साइट के जरिए ठगी करने वाले आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महंगे गिफ्ट सस्ते दामों पर बेचने का लालच देकर भी ठगी कर चुके हैं। इसके अलावा विदेश में नौकरी लगवाने के लिए युवकों बायोडाटा लिए और उनका इस्तेमाल बैंक खाता खुलवाने में किया गया।
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ममता और संगीता ने खुलवाए 100 से ज्यादा खाते
मुरादाबाद। नेपाल की रहने वाली ममता व संगीता रोजगार की तलाश में दिल्ली आई थीं। यहां पहले से रह रही नेपाल की रहने वाली निर्मला ने ममता और संगीता को नाइजीरियन से मिलवा दिया था। इसके बाद नाइजीरियन ने ममता और संगीता के दिल्ली व नोएडा के पते से फर्जी आधार कार्ड व पेन कार्ड बनवाए हैं। इसके अलावा दोनों युवतियों ने अलग-अलग बैंकों में अपने व अन्य व्यक्तियों को लालच देकर खाते खुलवाने शुरू कर दिए थे। जिन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी में इस्तेमाल किया जाता था। 100 से अधिक लोगों के खाते खुलवा कर रकम मंगवाई गई है।
लाॅकडाउन में ट्रैवल का धंधा बंद हुआ तो शुरू कर दी साइबर ठगी
मुरादबााद। एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि नाइजीरियन 2018 में भारत आया था। उसने दिल्ली में ट्रैवल एजेंसी खोली थी। कारोबार अच्छा लगने लगा लेकिन कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगा तो कारोबार ठप हो गया। इसके बाद नाइजीरियन ने साइबर ठगी शुरू कर दी थी। इसके लिए उसने गिरोह तैयार किया। इसके बाद साइबर ठगी की बड़ी घटनाओं को अंजाम देने लगा। कर्नाटक में इसके खिलाफ 2022 में साइबर ठगी का पहला मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से अपना गिरोह खड़ा कर लिया और साइबर ठगी शुरू कर दी।
ठगी की रकम से खरीद क्रिप्टो करेंसी
मुरादाबाद। साइबर ठगों का नेटवर्क कई दिनों में फैला है। लोगों से रकम ठगने के बाद आरोपी क्रिप्टो करेंसी खरीद लेते थे। इसके बाद अपने देश में आकर उसे वहां की करेंसी में एक्सचेंज कर लेते थे। इसी तरह ठगी की रकम विदेश तक जा रही थी।
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ममता, संगीता को मिलते हैं हर माह डेढ़-डेढ़ लाख रुपये
मुरादाबाद। नाइजीरियन नेपाल की ममता और संगीता को हर माह डेढ़ डेढ़ लाख रुपये देता था। इसके अलावा इनके रहने खाने और अन्य खर्च भी वह खुद ही उठता था। ममता संगीता की तरह ही अन्य महिलाएं और युवती भी इस गिरोह में जुड़ी हैं।