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फिर खतरनाक स्तर पर महानगर का प्रदूषण

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मुरादाबाद। महानगर का प्रदूषण का स्तर फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। लाल हो रहे शहर के वायु प्रदूषण में बुधवार को भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हवा में घुले जहर से शहरवासियों को राहत नहीं मिल रही है। फिलहाल प्रदेश के प्रदूषित शहरों में बुधवार रात मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 354 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। विशेषज्ञों की मानें तो वायु प्रदूषण की स्थिति अभी भी खतरनाक है।
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पिछले कई दिनों से सुबह के समय वातावरण में छाई धुंध मुरादाबादवासियों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। बुधवार को सुबह के समय वातावरण में धुंध छाई हुई थी। सड़कों पर टहलने वाले नागरिकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई। जो लोग टहलने के लिए निकले थे, वह मास्क आदि लगाए हुए थे। थोड़ी देर के लिए आसमान में धूप निकली थी, लेकिन बादल होने की वजह से फिर सूरज छिप गया। दिन में तेज हवा नहीं होने की वजह से हानिकारक कण हवा में मौजूद रहे। गैसों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। पीएम 2.5 की टाइम लाइन ज्यादातर समय लाल रंग की रही। बीच में यह बढ़कर मैरून भी हो गई। कणों की अधिकतम उपलब्धता 431, औसत 354 और न्यूनतम स्तर 309 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 10 की उपलब्धता अधिकतम 399, औसत 233 और न्यूनतम 167 दर्ज किया गया। नाइट्रोजन ऑक्साइड अधिकतम 233, औसत 123 और न्यूनतम 65 रही, जबकि कार्बन डाई ऑक्साइड अधिकतम 127, औसत 82 और न्यूनतम 18 दर्ज की गई। नैम्प समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी के अनुसार इस तरह के प्रदूषण में आंखों में जलन, हाईपरटेंशन, उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है। नाइट्रोजन ऑक्साइड बढ़ने की मुख्य वजह ट्रैफिक की वजह से बढ़ती है। हवा की गति कम होने की वजह से वातावरण में फैल नहीं रही है।
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