मुरादाबाद। चौराहों पर लगे फव्वारे शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ वायु प्रदूषण को कम करने में सहायक होते हैं, लेकिन मुरादाबाद में फव्वारों से वायु गुणवत्ता को सुधारने में लाभ नहीं मिल रहा है। पीतल नगरी में सिर्फ दो फव्वारे हैं और वह भी बंद हैं।
सोमवार रात आठ बजे मुरादाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में आठवें स्थान पर रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि एक फव्वारा आधा किलोमीटर के क्षेत्र की हवा को साफ रखने में मददगार होता है। अधिकारियों का कहना है कि ठंड की वजह से फव्वारों को बंद कर दिया गया है। मुरादाबाद में पीलीकोठी और चौधरी चरण सिंह चौक पर फव्वारे लगे हुए हैं। दोनों ही मार्ग शहर के मुख्य मार्ग हैं। चौधरी चरण सिंह चौक पर दिल्ली हाईवे होने के कारण दिन-रात वाहन चलते हैं तो पीलीकोठी चौराहा मेरठ जाने के मुख्य मार्ग के अलावा शहर का सबसे व्यस्ततम चौराहा है। दिन में यहां पर यातायात पुलिसकर्मी ट्रैफिक को रोककर वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करते हैं।
फव्वारों से वातावरण में बढ़ती है नमी
राष्ट्रीय वायु निगरानी कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी का कहना है कि चौराहों पर ट्रैफिक रुकने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। इसलिए शहर में लगभग सभी चौराहों पर फव्वारे होना आवश्यक है। नगर निगम को ठंड के समय भी फव्वारे बंद नहीं करने चाहिए, क्योंकि सर्दियों में वातावरण शांत हो जाता है और हवा की गति भी धीमी हो जाती है। ऐसे में प्रदूषित कण वातावरण में एक परत बना लेते हैं। फव्वारों से निकलने वाला पानी वातावरण में नमी बढ़ाता है। पानी प्रदूषित कणों को सोखकर वायु को स्वच्छ रखने में मदद करता है। एक फव्वारा आधा किलोमीटर के दायरे में वायु को स्वच्छ रखता है। इसलिए एक स्थान पर बारिश होने से उसके आस-पास के क्षेत्रों का वातावरण साफ हो जाता है।
भारी कणों के संग गैस में बढ़ोत्तरी
सोमवार को आसमान में बादल छाने का असर मुरादाबाद के वायु प्रदूषण पर हुआ। सोमवार रात 8 बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 316 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था। इसमें पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 347, पीएम 10 का 237 और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का 122 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
वर्जन...
शहर के चौराहों पर फव्वारे लगना स्मार्ट सिटी में प्रस्तावित है। अभी ठंड का मौसम है। राहगीरों को परेशानी होती है। इसलिए पीलीकोठी और चौधरी चरण सिंह चौक के फव्वारे को बंद कर दिया गया है। लाजपत नगर के आस-पास के एक किलोमीटर के दायरे में प्रतिदिन पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
- गंभीर सिंह, सहायक नगर आयुक्त, मुरादाबाद।
पानी का छिड़काव हो रहा है, लेकिन फव्वारे नहीं चल रहे हैं, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। हम दिशा-निर्देश दे सकते हैं पर फव्वारे चलाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है।
- विकास मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
शहर एक्यूआई
लखनऊ 367
पटना 362
कानपुर 361
वाराणसी 354
मुजफ्फरपुर 350
नारनौल 350
भिवाड़ी 330
हावड़ा 333
मुरादाबाद 316