मुरादाबाद। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निगरानी के दावों को धता बताते हुए फैक्टरी संचालक खुलेआम कचरा जला रहे हैं। मंगलवार को दिल्ली रोड स्थित एक फैक्टरी संचालक द्वारा थर्माकोल में लगाई गई आग से धुएं के गुबार उठ गए । दूर से भी वह आग दिखाई दे रही थी। प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों के अनुसार जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे दिल्ली रोड स्थित सर्किट हाउस के पास एक फैक्टरी संचालक ने थर्माकोल में आग लगा दी। देखते ही देखते उससे काला धुआं उठने लगा। इससे कालोनी वासियों और राहगीरों को दम घुटने की समस्या होने लगी। यही स्थित करीब डेढ़ घंटे तक बनी रही। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी वहां पहुंची और काफी देर बाद इस आग पर काबू पाया जा सका।
घातक है इस तरह का धुआं
मुरादाबाद। नेशनल एयर मॉनीटरिंग प्रोग्राम की समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी का कहना है कि थर्माकोल एक तरह से प्लास्टिक का ही रूप है। इससे निकलने वाले रसायन कार्सेनोजैनिक हैं। इसकी वजह से फेफड़े, किडनी सबसे अधिक प्रभावित होती है। ज्यादातर मरीजों को गले की समस्या होती है। ब्रांकाइटिस, सांस लेने में लोगों को इससे बहुत दिक्कत आती है। इस तरह की घटनाओं के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जो जला रहे हैं वह मानव जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अजय कुमार शर्मा का कहना है कि वायु अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत और एनजीटी के आदेशों के तहत जांच कराकर दोषी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली रोड पर सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है।
प्रदूषण में देश में चौथे नंबर पर रहा मुरादाबाद
प्रदूषण के मामले में मुरादाबाद देश के टॉप टेन शहरों में स्थान बनाए रखता है। मंगलवार को शाम छह बजे मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 366 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा। यह देश में चौथे स्थान का वायु गुणवत्ता सूचकांक रहा। पीएम 2.5 का औसत स्तर 366, न्यूनतम 315 और अधिकतम 468 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, पीएम 10 का औसत स्तर 247, न्यूनतम 162 और अधिकतम 441 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। हवाओं में भी गैसों के स्तर में सामान्य से अधिक बढ़ोतरी रही। टाइम लाइन पर गैसों की स्थिति पीले रंग की रही। नाइट्रोजन आक्साइड का औसत स्तर 88, न्यूनतम 49 और अधिकतम 169 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, कार्बन डाई आक्साइड का औसत स्तर 82, न्यूनतम 18 और अधिकतम 132 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
शहर वायु गुणवत्ता सूचकांक
मुजफ्फरपुर 416
पटना 391
लखनऊ 367
मुरादाबाद 366
हावड़ा 356
कोलकाता 332
कानपुर 330
बुलंदशहर 321
नोएडा 315
वजीरपुर दिल्ली 312
नोट... सीपीसीबी द्वारा जारी देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक