इस बार यूपी के टोल पर 2017 का ‘पोल’ साफ नजर आ रहा है। टोल में मामूली वृद्धि करके एक तरह से महंगाई दर को कंट्रोल करने का मैसेज दिया गया है। अगर पिछले दस साल का रिकार्ड देख लिया जाए तो टोल में 8 से बारह फीसदी तक की वृद्धि होती थी लेकिन इस बार पांच फीसदी से भी कम है।
कई टोल पर तो हल्के वाहन (कार) पर कोई पैसा बढ़ाया ही नहीं गया है। हाईवे अथारिटी ने नई टोल लिस्ट जारी कर दी है। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बरेली से डासना तक कार पर केवल नियामतपुर इकरोटिया में 5 रुपये और डासना में पांच रुपये बढ़ाए गए हैं। बरेली (ठिरिया खेतल), जोया और ब्रजघाट प्लाजा पर कोई पैसा नहीं बढ़ाया गया है।
पांच फीसदी से भी कम की वृद्धि मानी जा रही है। जबकि हर साल वृद्धि 8 से 12 फीसदी तक की होती थी। वृद्धि का यह गणित केवल दिल्ली-लखनऊ हाईवे का ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में जहां भी हाईवे पर टोल की वसूली की जा रही है वहां कम वृद्धि करके अच्छे दिनों का संदेश दिया गया है।
हाईवे अथारिटी तो इस वृद्धि को अब तक की सबसे कम वृद्धि मान रही है। कामर्शियल वाहनों पर भी कहीं कोई ज्यादा वृद्धि नहीं की गई है। मिनी ट्रक और मिनी बस पर भी पांच रुपये तक का इजाफा हुआ है। रोडवेज की बसों पर भी पांच रुपये तक बढ़ाए गए हैं। डासना में जरूर बस पर पच्चीस रुपये बढ़ाए गए हैं।