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यूपी में सियासी गर्मी तेज: संभल हिंसा पर सपा-भाजपा में तकरार, मुरादाबाद पुलिस की हिरासत में सपा के दस नेता

Sat, 30 Nov 2024 01:55 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल हिंसा के बाद सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा ने सपा को हिंसा का जिम्मेदार ठहराया, जबकि सपा ने निष्पक्ष जांच और डीएम-एसपी को हटाने की मांग की। सपा सांसद रुचिवीरा ने न्यायिक जांच और पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।
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मुरादाबाद में सपा सांसद रुचिवीरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जामा मस्जिद के सर्वे के बाद हुई हिंसा को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी गर्मी तेज हो गई है। भाजपा और सपा नेताओं के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच, संभल में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने 10 जनवरी 2025 तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

प्रशासन सख्त, निषेधाज्ञा लागू

संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने जिले में धारा 163 के तहत 10 जनवरी तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। आदेश के अनुसार, बाहरी जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन बिना अनुमति जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

सपा पर भाजपा का निशाना

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि संभल घटना के मुख्य अपराधी समाजवादी पार्टी है। उपचुनाव में हार का गुस्सा वह हिंसा भड़काकर निकाल रहे हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया कि कि संभल के अपराधियों को सपा का संरक्षण मिला हुआ है। अखिलेश यादव को जनता से माफी मांगनी चाहिए।

सपा का पलटवार

सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हिंसा के बाद प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। जिन पांच लोगों की माैत हुई है उनके परिवार के लोग बेहद दुखी हैं। हम उनसे मिलकर सांत्वना देना चाहते हैं और घायलों से मुलाकात करेंगे। हमारी मांग है कि वहां के डीएम और एसपी को तत्काल हटाया जाए। मामले की जांच हाई कोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराई जाए।

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नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि संभल दौरे पर रोक लगाने के लिए हमें नियमानुसार कोई लिखित नोटिस नहीं मिला है। हमें सिर्फ मौखिक रूप से रोका जा रहा है, जो गलत है। न्याय आयोग और मीडिया के लोग संभल जा रहे हैं, तो हमारा जाना अशांति कैसे पैदा करेगा। यह सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने और अपनी खामियों पर पर्दा डालने के लिए हमें रोक रही है।

पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ दे सरकार: सपा सांसद रुचि वीरा 

मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रुचिवीरा ने संभल हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय और मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए और सरकार को सभी पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना चाहिए। रुचिवीरा ने सपा प्रतिनिधिमंडल के साथ संभल जाने वाली थी। मुरादाबाद स्थित उनके उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उन्होंने इसे सरकार का अलोकतांत्रिक कदम बताते हुए आलोचना की और कहा कि जनता को न्याय दिलाने के लिए सपा प्रतिबद्ध है।

शांति बनाए रखने की अपील

संभल के एडिशनल एसपी श्रीश चंद्र ने कहा कि स्थिति शांतिपूर्ण है, कहीं कोई घटना नहीं हुई है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि हमें शांति बनाए रखनी चाहिए और अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए। प्रशासन ने हिंसाग्रस्त इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और जनता से संयम बरतने की अपील की है।

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मुरादाबाद में सपा नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया

मुरादाबाद में पूर्व मंत्री कमाल अख्तर, विधायक पिंकी यादव, जिला अध्यक्ष जयवीर यादव समेत 10 सपा नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सभी पुलिस को चकमा देकर संभल जाने की कोशिश कर रहे थे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा गठित 15 सदस्यीय टीम को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे की अगुवाई में संभल हिंसा की जांच करनी थी। पुलिस ने टीम को मुरादाबाद और मुंडापांडे में रोक दिया। 

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