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संभल सीओ अनुज चौधरी: होली पर दिए बयान के बाद सियासत तेज, विपक्ष ने बताया भेदभावपूर्ण, कहा- सरकार कार्रवाई करे

Fri, 07 Mar 2025 09:20 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

संभल के सीओ अनुज चौधरी के होली को लेकर दिए बयान पर सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए कार्रवाई की मांग की, जबकि बीजेपी ने बयान का समर्थन किया। उलेमा और मुस्लिम संगठनों ने भी नाराजगी जताते हुए सरकार से संज्ञान लेने की अपील की है।
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सीओ अनुज कुमार चौधरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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होली को लेकर संभल के सीओ अनुज चौधरी के बयान पर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने सीओ के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब कभी व्यवस्था बदलेगी तो ऐसे लोग जेल में होंगे। गौरतलब है कि संभल जिले में हाल ही में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी।

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इस बैठक के दौरान सीओ अनुज चौधरी ने होली और ईद के मद्देनजर असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर किसी को रंगों से दिक्कत है तो वो होली वाले दिन घर में ही रहे। यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ती है तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।

सीओ के इस बयान पर राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली ने पलटवार करते हुए कहा कि होली पहले भी हजारों बार आई है और जुमा भी। बस आप पुलिस की वर्दी में राजनैतिक बयानबाजी से बाज आएं और संविधान के मुताबिक अपना काम करें।
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बाकी जनता पर छोड़ दें। जुमा और होली दोनों शांति से गुजर जाएंगे। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता शर्वेंद्र विक्रम सिंह ने भी सीओ के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकारियों को बीजेपी के एजेंट की तरह काम नहीं करना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी मुख्यमंत्री की खुशामद करने के लिए उनकी बातों की नकल कर रहे हैं। ऐसे पक्षपातपूर्ण बयान देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश कांग्रेस मीडिया कमेटी के उपाध्यक्ष मनीष हिंदवी ने कहा कि कोई भी अधिकारी, चाहे वह कोई भी हो, धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए।

तभी इस देश में शासन सुचारू रूप से चल सकता है। अन्यथा, यह अराजकता की ओर ले जाएगा। इस बयान को लेकर देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि संभल के सीओ का बयान गैर-जिम्मेदाराना है और वर्दी की गरिमा के खिलाफ है।

एक पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी होती है कि वह जनता को सुरक्षित महसूस कराए। ऐसे पुलिस अधिकारी पर सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, प्रदेश बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने सीओ के बयान का बचाव किया।

उन्होंने कहा कि जब दो त्योहार एक साथ पड़ रहे हों तो पुलिस इस तरह बैठक करती है। दोनों पक्षों को सहनशीलता के साथ अपना धार्मिक उत्सव मनाना चाहिए। बरेली स्थित ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने इस मुद्दे पर अपील की है।

उन्होंने कहा कि वह इलाके जहां पर मिली-जुली आबादी है, वहां की मस्जिदों में जुमे की नमाज़ का समय ढाई बजे कर लें। जबकि मुस्लिम बहुल इलाकों में नमाज़ के समय में बदलाव की जरूरत नहीं है। संभल सीओ अनुज चौधरी के बयान पर उठे विवाद के बाद प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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