मुरादाबाद। शराब पीने के बाद पांच लोगों की मौत के मामले में चंद घंटों की जांच के बाद अपना फैसला सुनाने वाली पुलिस के कदम अमन मामले में ठिठक गए। एक सप्ताह बाद भी पुलिस न जांच पूरी कर सकी और न ही थार में सवार दिव्यम चौधरी और सुकेत खन्ना को पकड़ पाई। स्मार्ट सिटी के तहत शहर में लगे करोड़ों की कीमत के सीसीटीवी कैमरों की मदद ली और न ही अनमोल को रिमांड पर लेकर सच उगलवाने का प्रयास किया। आरोपियों पर पुलिस की यह मेहरबानी अमन के परिवार का दर्द बढ़ा रही है।
सिविल लाइंस के चंद्र नगर निवासी लोको पायलट योगेंद्र कुमार का बेटा अमन 15 सितंबर की रात गांधीनगर से केक खरीदने के बाद घर लौट रहा था। उस दिन अमन की छोटी बहन माही का जन्म दिन था। कंटेनर डिपो के सामने डिवाइडर के कट पर थार चालक अनमोल अरोड़ा ने अमन की बाइक को राैंद दिया था, जिसमें अमन की मौत हो गई थी। अनमोल को मौके पर ही दबोच लिया गया था, जबकि कार में सवार उसके साथी कटघर के लाजपत नगर निवासी सुकेत खन्ना और सिविल लाइंस के रेलवे हरथला काॅलोनी निवासी दिव्यम चौधरी थार से कूदकर भाग गए थे। इस हादसे से पहले साईं मंदिर के सामने अमन और थार सवारों का विवाद हुआ था। दिल्ली रोड पर थार सवार उत्पात मचा रहे थे। अमन की मां की तहरीर पर अनमोल और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस दिव्यम और सुकेत के घर दबिश देने का दावा कर रही है, लेकिन अब तक आरोपी नहीं पकड़े गए जबकि दोनों आरोपी इंस्टाग्राम और फेसबुक चला रहे हैं। इसके अलावा वह मोबाइल के जरिए भी अपने और साथियों के संपर्क में हैं। हादसे से पहले थार सवार और अमन के बीच विवाद होने की बात सामने आ रही है तो पुलिस इन पर हत्या का केस दर्ज करने से क्यों कतरा रही है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। एक एक तथ्य जुटाया जा रहा है।