मुरादाबाद। इकलौते भाई को खोने वाली सोनी और माही के आंसू नहीं थम रहे। वह अपने मां-बाप को संभालने में जुटी हैं। बहनों का कहना है थार सवारों ने हमारे भाई अमन को हमसे छीन लिया। साथ ही पूरे परिवार के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया। हमने क्या-क्या सपने देखे थे। एक सप्ताह बीत गया, लेकिन पुलिस अब तक न तो जांच पूरी कर पाई और न ही थार सवार पकड़े गए। भाई तो चला गया अब उसे इन्साफ दिलाने तक लड़ते रहेंगे।
शहर के चंद्र नगर गली नंबर छह निवासी योगेंद्र कुमार की पत्नी निर्मला बेटे अमन कुमार की मौत के गम से अब तब नहीं निकल पाई हैं। दरवाजे पर हल्की सी आहट से भी वह चौंक उठती हैं। उन्हें लगता है कि मेरा बेटा घर आ गया है। निर्मला की ऐसी हालत देखकर पति योगेंद्र और उनकी दोनों बेटियां माही और सोनी भी फूट-फूट कर रोने लगती हैं। छोटी बहन माही ने बताया कि भाई हर साल मेरा जन्मदिन मनाते थे। वह मेरे लिए केक और गिफ्ट लेने घर से निकले थे। उस मनहूस रात को कभी नहीं भूल पाऊंगी। भाई ने मुझे कॉल कर बताया था कि माही थार सवार युवकों से मेरा झगड़ा हो गया है। केक लाने में देर हो जाएगी। इसके बाद कॉल कट गई थी। जब जब मेरा जन्मदिन आएगा, मुझे भाई की हर एक बात याद आएगी। इंग्लैंड में जॉब करने वाली सोनी ने बताया कि वह तीन साल से इंग्लैंड में रहती हैं।ऐसा कोई दिन नहीं, जब वह भाई से बात नहीं करती थीं। इस घटना से भी पहले मेरी करीब दो घंटे भाई से बात हुई थी। माही के जन्म को लेकर वह बहुत खुश थी। माही को क्या गिफ्ट दिया जाएगा, उसने मुझसे ही सलाह ली थी। इकलौते भाई को खोने का दुख क्या होता है यह मैं और मेरा परिवार ही जान सकता है। भाई को इन्साफ दिलाने तक में इंग्लैंड नहीं लौटूंगी। पिता योगेंद्र कुमार का कहना है कि थार सवारों को पुलिस बचाने में जुटी है, लेकिन हमारा दुख पुलिस को क्यों दिखाई नहीं दे रहा है।
पिता के रिटायरमेंट पर बड़ा कार्यक्रम करना चाहते थे भाई-बहन
मुरादाबाद। सोनी ने बताया कि उनके पिता जनवरी 2025 में रिटायरमेंट होने वाले हैं। अमन, माही और मैंने तय किया था कि पापा के रिटायरमेंट पर बड़ा कार्यक्रम करेंगे। मैंने भी जनवरी में ही घर लौटने का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन भाई की मृत्यु की खबर मिलने पर मैं उसी दिन इंग्लैंड से रवाना हो गई थी। सोनी तीन साल से इंग्लैंड की एक कंपनी में जॉब करती हैंं। परिवार अब बड़ी बेटी सोनी की शादी की तैयारियां में जुटा था।