मुरादाबाद। सिपाहियों की हत्या कर फरार हुए तीनों बंदियों की तलाश में पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। बंदियों के बारे में सूचना या सुराग देने पर डीजीपी ने प्रति बंदी ढाई - ढाई - ढाई लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया है। आईजी रमित शर्मा ने साफ कर दिया है कि यह पुरस्कार सिर्फ पुलिस के लिए नहीं है। यदि पब्लिक का कोई व्यक्ति भी फरार अपराधियों के बारे में कोई सूचना या सुराग देता है तो उसे भी ढाई लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सूचना देने वाले का नाम - पता पुलिस गोपनीय रखेगी।
आईजी रमित शर्मा ने बताया कि फरार बंदियों पर बुधवार रात को एसपी संभल ने 25- 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया था। इसे बढ़ाकर गुरुवार सुबह उन्होंने 50-50 हजार रुपये कर दिया था। एडीजी बरेली ने पुरस्कार की राशि बढ़ाकर एक - एक लाख रुपये कर दी थी। दोपहर में डीजीपी ओपी सिंह ने सिपाहियों की हत्या कर भागे बंदियों पर ढाई - ढाई लाख रुपये पुरस्कार घोषित कर दिया है। आईजी रमित शर्मा ने बताया कि फरार बंदियों के बारे में पब्लिक का भी कोई व्यक्ति यदि कोई सूचना देता है तो ईनाम की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। आईजी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास फरार बंदियों के बारे में कोई भी जानकारी है तो वह सीधे उन्हें, एसपी संभल या फिर किसी भी पुलिस अधिकारी या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन पर भी इसकी सूचना दे सकता है।
इस बीच पुलिस ने फरार बदमाशों का सुराग जुटाने के लिए संभल जिले में बनियाठेर के आसपास के सभी गांवों में ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों से भी संपर्क साधा है। पुलिस की कोशिश है कि किसी भी तरह फरारी के बाद बदमाशों का रूट उसे पता चल सके। बदमाश जंगल की ओर भागे थे। ऐसे में पुलिस को पूरा यकीन है कि वह किसी ने किसी गांव में ग्रामीणों की नजरों में जरूर आए होंगे।