मुरादाबाद। पुलिस महकमे से जुड़ी एक शर्मनाक घटना सामने आई है। औसतन 50 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले 200 से अधिक पुलिसकर्मी ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गए हैं। इतना ही नहीं पकड़े जाने पर टीटीई को वर्दी का रौब दिखाने से भी नहीं चूके। टीटीई ने नियम कानूनों का हवाला देकर मजिस्ट्रेट से शिकायत करने की बात कही तो मजबूरन पुलिसकर्मियों को दंड भुगतना पड़ा।
ट्रेनों की संख्या कम होने के चलते एक ओर जहां यात्रियों को कंफर्म टिकट आसानी से नहीं मिल रहा, वहीं दूसरी ओर पुलिसकर्मी मुफ्त की सैर कर रहे हैं। फरवरी माह में चलाए गए रेलवे के चेकिंग अभियान में 200 से अधिक पुलिसकर्मियों को बिना टिकट यात्रा करते पकड़ा गया है। इनमें कांस्टेबल से लेकर उपनिरीक्षक तक शामिल हैं और मुरादाबाद से बरेली के बीच यात्रा करने वालों की संख्या सबसे अधिक है। निरंतर चल रहे अभियान में रोजाना अलग अलग ट्रेनों में चेकिंग के दौरान इस तरह के मामले सामने आए हैं। रेल प्रशासन के मुताबिक पकड़े जाने पर पुलिसकर्मी पैनाल्टी चुकाने के बजाय टीटीई स्टाफ से बहस करते हैं। हाल ही में श्रमजीवी एक्सप्रेस में एक साथ 20 पुलिसकर्मी बिना टिकट पकडे़ गए। टीटीई ने जब टिकट के लिए क0हा तो वर्दी का रौब दिखाने लगे। लंबी बहस के बाद मजिस्ट्रेट से शिकायत के डर से उ्नहोंने किराये के बराबर धनराशि चुकाई।
सहायक वाणिज्य प्रबंधक नरेश सिंह ने बताया कि फरवरी माह में अलग अलग ट्रोनों में यह अभियान चलाया गया। एक ही दिन 83 पुलिसकर्मी और उसके कुछ दिन बाद 50 पुलिसकर्मी अलग अलग ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करते पाए गए। कुल मिलाकर ऐसे कर्मियोंकी संख्या लगभग 200 है। एसीएम ने बताया कि रेलवे के नियमानुसार इन पुलिसकर्मियों से किराये के बराबर धनराशि लेकर उसकी रसीद दी गई।
बिना टिकट यात्रा को लेकर पुलिसकर्मियों से जुड़े लगभग 200 मामले सामने आए हैं। जब नियमों और कानूनों की रक्षा करने वाले ही उन्हें तोड़ने लगें तो इससे समाज में क्या संदेश जाएगा। नियम सभी के लिए एक समान हैं। लगातार पकड़े जा रहे अनुशासनहीनता के मामलों को लेकर एडीजी पुलिस को पत्र लिखकर सूचित किया गया है।
- रेखा शर्मा, सीनियर डीसीएम