मुरादाबाद। कांठ थाने में तैनात पुलिस कर्मियों ने शुक्रवार सुबह किराना व्यापारी को थाने बुलाकर उन्हें कार सौंप दी। एक दिन पहले ही व्यापारी ने एसएसपी से शिकायत की थी कि पुलिस कर्मियों ने उनकी कार अपने कब्जे में ले रखी है, जिसे छोड़ने के लिए 92 हजार रुपये की मांग की जा रही है।
मामला उच्च अफसरों तक पहुुंचा तो पुलिस कर्मियों के तेवर बदल गए। उन्होंने व्यापारी से लिखित में लिया है कि उनसे रुपये नहीं मांगे गए। एक केस की जांच के सिलसिले में कार मंगवाई थी। मेरी कार मुझे वापस मिल गई है। अब मैं कोई कार्रवाई नहीं चाहता हूं।
अमरोहा देहात के नन्हेडा निवासी किराना व्यापारी धर्मेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें धर्मेंद्र ने बताया कि 25 मई को उनकी दुकान पर दो पुलिस कर्मी आए थे। उन्होंने बताया था कि उनके क्षेत्र में लूट की घटना हुई है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक करनी है। इसी दौरान पुलिस कर्मियों ने व्यापारी के घर में खड़ी कार का फोटो खींच लिया था। इसके बाद पुलिस कर्मी चले गए थे। 31 मई को व्यापारी के मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले खुद को कांठ थाने का दरोगा बताया था। कहा कि उनकी कार से एक्सीडेंट हुआ है। इस संबंध में कांठ थाने में केस दर्ज किया गया है। व्यापारी अपनी गाड़ी लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस कर्मियों ने चाबी छीन ली और कार थाने में खड़ी करा ली थी। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने धमेंद्र से कहा था कि कांठ क्षेत्र में हुई लूट में आपकी कार का इस्तेमाल किया गया है। इससे धर्मेंद्र घबरा गए, उन्होंने वारदात वाले दिन अपनी कार मुरादाबाद में मौजूद होने के सबूत पुलिस कर्मियों को दिखाए थे। बावजूद इसके पुलिस कर्मी नहीं माने और उन्होंने व्यापारी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। व्यापारी के सामने शर्त रख दी कि 92 हजार रुपये की लूट हुई है तुम 92 हजार रुपये दे दो, कार छोड़ दी जाएगी। उच्च अफसरों को शिकायत पहुंची तो थाने में हंगामा हो गया। शुक्रवार सुबह पुलिस कर्मियों ने व्यापारी को कॉल की। उन्हें थाने बुलाया और कार वापस कर दी। उनसे कहा कि केस के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए कार मंगवाई थी। अब इस संबंध में जांच पूरी हो चुकी है, वह अपनी कार ले जा सकते हैं। इसके अलावा व्यापारी से एक कागज पर लिखवाया कि उनसे कोई रकम नहीं मांगी गई है।