मंगलवार को मुरादाबाद के इकरोटिया टोल प्लाजा पर किसानों के हंगामे के बाद मौके पर मौजूद पुलिस अधिक?
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मुरादाबाद। दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में शामिल होने से किसानों को रोकने के लिए दो जनपदों की पुलिस पिछले पंद्रह दिन से प्लानिंग कर रही थी। हाईवे पर चौकसी दुरुस्त करने के साथ ही खुफिया तंत्र को भी अलर्ट किया गया था ताकि किसान आगे न बढ़ सकें। रात भर रामपुर और मुरादाबाद की पुलिस अलर्ट रही और आईजी रमित शर्मा मौके रहकर सारी व्यवस्थाओं को परखते रहे लेकिन किसानों ने पुलिस की सभी तैयारियां धड़ाम कर दीं। देर रात वे दिल्ली रवाना हो गए।
सोमवार देर रात बारह बजे से एससपी मुरादाबाद प्रभाकर चौधरी, एसपी रामपुर शगुन गौतम, आईजी रमित शर्मा के साथ भारी पुलिस बल लेकर मुरादाबाद रामपुर बॉर्डर पर डटे रहे। बीच बीच में टोल प्लाजा को भी चेक किया जा रहा था। इरादा था कि पीलीभीत तथा बरेली से आ रहे किसानाें को रामपुर से आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। बावजूद इसके किसानों ने पुलिस की सभी तैयारियों को ध्वस्त कर दिया। किसान रामपुर पुलिस के घेरे को तोड़कर मुरादाबाद सीमा में प्रवेश कर गए। यहां उन्होंने पुलिस को ही दौड़ने पर मजबूर कर दिया। पुलिस अफसरों की गाड़ियों पर पथराव भी किया। इसके बाद किसानों नियामतपुर इकरौटिया टोल पर भी कब्जा कर लिया। यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल लगा कर किसानों को रोक तो दिया गया लेकिन रात को फिर से पुलिस को किसानों की माननी ही पड़ी। जब कई किमी लंबा जाम लग गया तो पुलिस को यहां भी बैकफुट पर आना पड़ा। बैरियर हटाने पड़े तो लोगों के साथ किसान भी निकलने लगे। हंगामा हुआ। सहमति बनी कि कुछ किसान गाड़ियों से जा सकते हैं पर अधिकतर किसान ही दिल्ली रवाना हो गए।
एडीजी का दौरा भी काम न आया
एडीजी बरेली अविनाश चंद्र ने मुरादाबाद समेत आस पड़ोस के जनपदों में दौरा किया था। उन्होंने मुरादाबाद और रामपुर बॉर्डर कर निरीक्षण कर विशेष सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए थे। उन्होंने किसान आंदोलन को देखते हुए अधीनस्थों को निर्देशित किया था कि चौकसी में किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। किसान दिल्ली की ओर चूक नहीं करने चाहिए। बावजूद इसके कुछ काम न आया। हंगामा, बवाल के बाद किसान आखिरकार दिल्ली रवाना हो ही गए।
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