पुलिस अपने ऊपर हुए कातिलाना हमले की घटना को कोर्ट में साबित नहीं कर सकी। लिहाजा अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में हमलावर को हत्या के प्रयास के मामले में बरी कर दिया। हालांकि उसे आर्म्स एक्ट का दोषी मानते हुए अदालत ने उसे 14 माह की सजा सुनाई है।
नौ दिसंबर 2014 को राजा सक्सेना पुत्र राजेंद्र सक्सेना निवासी जयंतीपुर थाना मझोला रात में गलशहीद के भूडे के चौराहा से किसी व्यक्ति से मोबाइल और नगदी लूट कर भाग रहा था। मुखबिर की सूचना पर थाना गलशहीद के एसआई सतेंद्र पंवार ने पुलिस पार्टी के साथ पीछा किया और कथित मुठभेड़ के बाद राजा को पकड़ लिया था।
आरोप था कि राजा ने पुलिस पार्टी पर फायर भी किया था। जानलेवा हमला करने की चार्जशीट दाखिल की गई। एडीजीसी बृजराज सिंह ने अभियोजन पक्ष रखा। अदालत में गवाह बने पुलिसकर्मी अपने ऊपर हमला के साक्ष्य भी अदालत में पेश न कर सके। साक्ष्यों के अभाव में एडीजे-04 नीरज कुमार ने आरोपी को हमले में बरी कर दिया जबकि आर्म्स एक्ट में उसे 14 माह जेल और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।