संभल समेत अन्य केंद्रों के लिए...
गमगीन माहौल में सिपाहियों को दी अंतिम विदाई, हर आंख हुई नम
क्रासर
- संभल से सिपाहियों के शव घर पहुंचे तो फफक पड़े परिजन और रिश्तेदार
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। चंदौसी में शहीद हुए सिपाही हरेंद्र सिरोही और ब्रजपाल को गम और गुस्से के बीच राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई दी गई। नवीन नगर नया गांव में गुरुवार सुबह सिपाही ब्रजपाल का शव पहुंचा तो चीख पुकार मच गई। वहीं आशियाना कालोनी स्थित मकान में हरेंद्र का पार्थिव शव पहुंचा तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। हरेंद्र की पत्नी, बेटियां और पुत्रवधु फफक पड़ीं। डीएम - एसएसपी समेत अन्य पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने परिजनों को सांत्वना देने के साथ शहीद सिपाहियों की अर्थी को कंधा भी दिया। शहीद हरेंद्र को बेटे अतुल ने मुखाग्नि दी, जबकि ब्रजपाल को लोकोशेड मोक्षधाम में उनके बड़े भाई ने मुखाग्नि दी।
संभल के चंदौसी में बंदियों की गोली से शहीद हुए हरेेंद्र सिरोही का शव गुरुवार सुबह नौ बजे आशियाना कालोनी स्थित उनके घर में लाया गया है। उससे पहले ही उनके पैतृक गांव चंदपुरा गांव से परिजन और रिश्तेदार आ गए थे। शव को देखकर सभी फूट फूट कर रोने लगे। पत्नी मधु तो बेसुध हो गई। बेटियां पूजा और अंजली व पुत्रवधु सरिता भी एक दूसरे को संभाल तो रही थीं, लेकिन खुद को रोने से नहीं रोक पा रही थीं। एसपी रामपुर अजय पाल शर्मा, एडीएम सिटी राजेंद्र सिंह सेंगर, एसपी देहात उदय शंकर सिंह, सीओ कटघर सुदेश गुप्ता समेत अन्य अधिकारियों ने यहां हरेंद्र की अर्थी को कंधा दिया। इससे पहले शहीद सिपाही को पुलिस ने शोक सलामी दी। इसके बाद पार्थिव शव को आशियाना मोक्ष धाम में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे अतुल चौधरी ने मुखाग्नि दी। वहीं नया गांव नवीन नगर में ब्रजपाल का शव लाया गया तो मां, बहन, भांजी और भांजा समेत अन्य रिश्तेदार फफक पड़े। डीएम राकेश कुमार सिंह, एसएसपी अमित पाठक, एसपी सिटी अंकित मित्तल, सीओ सिविल लाइंस राजेश कुमार ने ब्रजपाल की अर्थी को कंधा दिया। इससे पहले ब्रजपाल के शव को पुलिस ने शोक सलामी दी। नम आंखों के बीच ब्रजपाल को मोक्ष धाम में उनके बड़े भाई सोमपाल ने मुखाग्नि दी।
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परिवार से बात नहीं कर पाए सिपाही हरेंद्र
मुरादाबाद। शहीद सिपाही के परिवार में पत्नी मधु, बेटा अतुल और पुत्र वधु सरिता हैं। जबकि दो बेटियां पूजा मलिक, और अंजली की शादी हो चुकी है। बुधवार को घर में सिपाही हरेंद्र, उनकी पत्नी मधु और बेटा अतुल, पुत्रवधु सरिता मौजूद थीं। सुबह साढ़े नौ बजे हरेंद्र सिरोही ड्यूटी चले गए थे। उनकी ड्यूटी जेल से बंदियों को कोर्ट में पेश कराने की थी। वह दो साल से संभल में तैनात थे, जबकि इससे पहले रामपुर में तैनाती थी। मधु और सरिता ने बताया कि वह साढ़े नौ बजे ड्यूटी चले गए थे। साढ़े ग्यारह बजे उन्होंने घर फोन किया किया था। सरिता ने कॉल रिसीव की। इसी बीच कॉल डिस्कनेक्ट हो गई। इसके बाद दोबारा कॉल नहीं आई। बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे दो सिपाही सादा वर्दी में उनके घर पहुंचे, उन्होंने अतुल के बारे में जानकारी की। इसी बीच अतुल भी घर आ गया था। उन्होंने बताया कि उनके पिता को चोट लगी है। अतुल ने अपने पिता मे मोबाइल पर कॉल की तो फोन किसी किसी अन्य व्यक्ति ने उठाया और घटना की जानकारी दी।