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बुजुर्ग महिला ने बंदियों को थमाया था हथियार से भरा थैला

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मुरादाबाद। संभल में दो सिपाहियों की हत्या कर भागे तीन बंदियों को हथियार चंदौसी कोर्ट परिसर से वापस सेशन हवालात जाते वक्त दिए गए थे। ये हथियार एक थैले में रखे थे। पुलिस और जेल सूत्रों का कहना है कि थैला एक बुजुर्ग महिला ने बंदियों में से किसी एक को थमाया था। चूंकि थैला एक बुजुर्ग महिला ने आरोपियों को थमाया था, इस वजह से पुलिसकर्मियों को शक नहीं हुआ। पुलिस ने शायद इस थैले में खाने - पीने का सामान समझा और उसे चेक नहीं किया। पुलिस ने शक के आधार पर शकील की दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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चंदौसी सेशन हवालात और कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब होने की वजह से पुलिस को सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल सकी हैं। लेकिन साथी बंदियों ने पुलिस और जेल अफसरों को जो जानकारी दी है उससे एक बुजुर्ग महिला का किरदार सामने आया है। एक जेल अधिकारी का कहना है कि साथी बंदियों ने बुजुर्ग महिला को एक थैला फरार तीनों बंदियों में से एक को देते हुए देखा था। बकौल जेल अधिकारी बंदियोें ने बताया है कि शकील व उसके साथी उस महिला को दादी - दादी कहकर बुला रहे थे। पेशी पर आने वाले बंदियों को परिजनों द्वारा खाने - पीने का सामान देना आम बात है। इसलिए इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। हथियारों का यह थैला लेकर बंदी पुलिस वैन में सवार हुए और वारदात के समय थैलेे से तमंचे निकालकर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। जब तक पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते तब तक वह आरोपियों की गोली का निशाना बन चुके थे। फरार बंदियों शकील, कमल और धर्मपाल से पेशी के दौरान कौन - कौन मिले थे, यह पता लगाने के लिए पुलिस ने गुरुवार को चंदौसी कचहरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। लेकिन छानबीन में पता चला कि कैमरे खराब पड़े हैं। पुलिस ने अब बंदियों से मिली जानकारी के आधार पर शकील की दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पहले से ही लोड थे हथियार
मुरादाबाद। पुलिस अधिकारी का ये भी कहना है कि जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है। इससे लगता है कि थैले में रखे हथियार पहले से ही लोड थे। क्योंकि वैन के अंदर बैठने के बाद बदमाशों को असलहों में कारतूस लगाते हुए भी नहीं देखा गया था। हथियारों में पहले से ही कारतूस लगा होना बदमाशों की साजिश का हिस्सा था। जिससे की अगर उनको बीच में कोई रोकता तो वह तब भी गोली चला देते।
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