गजरौला (अमरोहा)। किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को पुलिस ने छिपाने की कोशिश की थी। दरोगा ने इसे केवल साधारण मारपीट होने की सूचना थाने में दी थी। पुलिस ने दुष्कर्म के स्थान पर छेड़खानी में रिपोर्ट दर्ज की थी। समझौता कराने में भी जुटे थे। किशोरी के बयान का वीडियो वायरल होने और एसपी डॉ. विपिन ताडा की कड़ी फटकार के बाद पुलिस ने इसे दुष्कर्म में तरमीम किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसपी डॉ. विपिन ताडा ने इंस्पेक्टर डीके शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया, हलका दरोगा पुष्पेंद्र राठी को निलंबित किया गया है। थाने में ही तैनात एसएसआई प्रमोद कुमार पाठक को थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।
शुक्रवार को सवेरे वायरलेस सैट पर इंस्पेक्टर डीके शर्मा के लाइन हाजिर होने का मेसेज फ्लैश हुआ। गजरौला में 14 नवंबर की शाम को एक गांव में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना छिपाने में इंस्पेक्टर पर गाज गिरी है और हलका दरोगा पुष्पेंद्र राठी को निलंबित किया गया है। अब जिम्मेदारी एसएसआई प्रमोद पाठक को दी गई है। इंस्पेक्टर डीके शर्मा ने बताया कि उन्हें तो दरोगा ने गांव में सिर्फ मारपीट और छेड़खानी होने की खबर दी थी। कार्यवाहक थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पाठक ने बताया कि दरोगा पुष्पेंद्र राठी को लेकर कोई आदेश उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है लेकिन रात तक आने की संभावना है।
पीड़िता की हालत बिगड़ी, अमरोहा रेफर
गजरौला। सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता की हालत शुक्रवार को बिगड़ गई। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। इसके बाद अमरोहा जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। किशोरी दर्द से छटपटा रही थी। बताते हैं कि रक्तस्राव बंद न होने और संक्रमण फैलने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई थी। केंद्र अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह ने उसे जिला अस्पताल रेफेर कर दिया।