राष्ट्रध्वज का अपमान किया गया।
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ऋषिकुल संस्कृत महाविद्यालय में तिरंगे के अपमान की साजिश पुलिस और भू माफिया ने अपनी गर्दनें बचाने के लिए रची थी। आश्रम की अरबों रुपये की जमीन पर कब्जे के लिए अपनी और परिवार की हत्या की आशंका जताते हुए डा. श्रद्धा शर्मा ने सीएम से शिकायत की थी।
ऋषिकुल संस्कृत महाविद्यालय की मनचाही कमेटी बनाकर बैकडोर से नियुक्तियां करने के मामले में भी श्रद्धा ने साक्ष्यों के साथ शिकायत की थी। शासन स्तर से इन पर जांच शुरू हो चुकी हैं। जिसमें भू माफिया के साथ ही पुलिस - प्रशासनिक और शिक्षा विभाग के कुछ अफसरों पर भी तलवार लटक रही है।
तिरंगे के अपमान में नामजद शिक्षिका चारू शर्मा की मां डा. श्रद्धा शर्मा ने नवंबर में ई - मेल के जरिए मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि कुछ भू माफिया उनके आश्रम व महाविद्यालय की अरबों रुपये की जमीन को कब्जाना चाहते हैं जिसमें कुछ पुलिस - प्रशासनिक अफसर भी शामिल हैं।
शिकायत में शिक्षा विभाग के एक अधिकारी पर भी गंभीर आरोप थे। इस शिकायत में डा. श्रद्धा ने कहा था कि भू माफिया उन्हें जेल भिजवा चुके हैं और आए दिन झूठे मुकदमे लिखाने के साथ ही धमकाते रहते हैं। ऐसे में किसी दिन उनकी व उनके परिवार की हत्या हो सकती है।
जनवरी के पहले सप्ताह में इस मामले में जांच शुरू हो चुकी है। चारू ने बताया कि मां ने सीएम से शिकायत की तो जांच शुरू होने पर आरोपियों को खुद के फंसने का डर सताने लगा और उन्होंने इसी वजह से तिरंगे के अपमान के मामले में उन्हें फंसाने का प्लान बनाया।
चारू और उसके परिवार के लोगों का कहना है कि कटघर थाने के कुछ पुलिसकर्मी आरोपियों के इशारे पर उन्हें प्रताड़ित करते हैं। 26 जनवरी के दिन भी कई पुलिसकर्मी आरोपियों के साथ मौजूद थे, परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। सपा के एक विधायक और भाजपा के एक जनप्रतिनिधि पर भी पूरे खेल में शामिल होने के आरोप चारू ने लगाए हैं।