संभल। हयातनगर पुलिस चौकी की बैरक में मंगलवार दोपहर चली सरकारी पिस्टल की गोली से एक सिपाही की जान चली गई। पुलिस अधिकारियों ने इसे खुदकुशी की घटना बताया लेकिन बिजनौर से पहुंचे मृतक के पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी तो रात में अफसरों का रुख बदल गया। वारदात के वक्त मौके पर मौजूद हेड कांस्टेबल और निजी रसोइए के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। हेड कांस्टेबल को निलंबित भी कर दिया है।
बिजनौर जिले में चांदपुर थाना क्षेत्र के गांव खेड़की निवासी सिपाही अंकित कुमार (26) की तैनाती हयातनगर पुलिस चौकी पर थी। तीन महीने से वह लैपर्ड ड्यूटी में था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार सुबह लैपर्ड ड्यूटी पर तैनात अंकित और हेड कांस्टेबिल देवेंद्र कुमार बाइक से चामुंडा मंदिर, बैंक समेत विभिन्न स्थानों की निगरानी पर निकले। निर्धारित गश्त का क्रम पूरा करके दोपहर 12 बजे के आसपास पुलिस चौकी पर लौटे।
हेड कांस्टेबिल देवेंद्र का कहना है कि बैरक में जाने से पहले अंकित ने उसकी 9 एमएम की सरकारी पिस्टल मांगी। कहा कि वह पिस्टल के साथ अपना फोटो खिंचवाना चाहता है। उसने फालोवर (निजी रसोइए) अमित कुमार से फोटो खींचने को कहा लेकिन अमित ने खुद को व्यस्त बताते हुए बाद में फोटो खींचने की बात कही। इसके बाद अंकित पिस्टल के साथ बैरक में चला गया। करीब 12.37 बजे अचानक गोली चलने की आवाज आई तो वह (देवेंद्र) बैरक की तरफ दौड़ा। दरवाजा भीतर से बंद था। जोर से धक्का देने पर कुंडा टूटने से दरवाजा खुला तो फोल्डिंग पलंग के पास जमीन पर अंकित का खून से लथपथ शव नजर आया। पिस्टल अंकित के हाथ में थी।
इस जानकारी पर एसपी यमुना प्रसाद और अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल मौके पर पहुंच गए। मजिस्ट्रेट देवेंद्र मणि त्रिपाठी की देखरेख में पंचनामा भरके पोस्टमार्टम कराया गया। पिस्टल की गोली अंकित की कनपटी में दाहिनी ओर से घुसकर बाईं ओर पार निकल गई थी। बैरक की दीवार में गोली टकराने का निशान मिला है।
दोपहर में घटना के बाद एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि सिपाही अंकित कुमार ने पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या की है। आत्महत्या की वजह साफ नहीं है। न ही सुसाइड नोट मिला है। कुछ घंटे बाद बिजनौर से पहुंचे सिपाही अंकित के पिता राजवर्धन सिंह ने बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए हेड कांस्टेबिल देवेंद्र कुमार और फालोवर (निजी रसोइए) अमित कुमार के खिलाफ तहरीर दी। रात में एसपी ने बताया कि दोनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। हेड कांस्टेबिल देवेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है।
सिपाही की आखिरी कॉल खोल सकती है आत्महत्या का राज
संभल। वारदात के बाद फोरेंसिक टीम ने बैरक से नमूने लिए। पिस्टल और मोबाइल फोन से फिंगर प्रिंट के सैंपल भी लिए गए हैं। पुलिस ने अंकित का फोन लेकर जांच शुरू कर दी है। जांच में देखा जाएगा कि फोन पर उसकी आखिरी बात किससे और कब हुई थी। कॉल डिटेल भी उसकी मौत के पीछे का राज खोल सकती है। बताते हैं कि अंकित की जेब से एक कागज भी मिला है। पुलिस ने सुसाइड नोट होने से इन्कार करते हुए कहा कि वह प्रार्थनापत्र जैसा कागज है। उसे देखा, समझा जा रहा है।
अक्सर लंबी कॉल करता था अंकित
संभल। बैरक में सरकारी पिस्टल की गोली से जान गंवाने वाले सिपाही अंकित के साथ बताते हैं कि वह अक्सर फोन पर लंबी कॉल करता था। यह लंबी कॉल किसके लिए की जाती थी, यह स्पष्ट नहीं है। वारदात से कुछ देर पहले भी उसने फोन पर लंबी काल की थी। साथी हेड कांस्टेबल देवेंद्र कुमार से यह कहते हुए पुलिस चौकी आया था कि वहां उसे फ्रेश होना है।
मौत से तीन मिनट पहले व्हाट्सएप के स्टेट्स पर लगाया था टैटू
संभल। सोशल मीडिया पर अंकित कुमार की सक्रियता रहती थी। खाकी चैलेंज लिखकर अंकित ने 25 सितंबर को फेसबुक पर अपनी फोटो अपलोड की थी। जान जाने से करीब दो घंटे पहले 10.38 बजे भक्तिभाव से जुड़ा एक वीडियो अपलोड किया था। इसके बाद 12.34 बजे उसने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर टैटू लगाया था।
तीन दिन की छुट्टी काटकर 21 को लौटा था अंकित
संभल। सिपाही अंकित कुमार 18,19, 20 अक्तूबर की छुट्टी के बाद अपने घर से 21 अक्तूबर को लौटा था। थाना प्रभारी ने बताया कि उसकी बातचीत से ऐसा आभास नहीं हुआ कि वह किसी बात से परेशान है। सिपाही ड्यूटी में ठीक था और उसका व्यवहार भी सभी से अच्छा था। उसकी 2015 में मैनपुरी में पहली तैनाती हुई थी। दूसरी तैनाती हरदोई में हुई थी। इसके बाद वह संभल जिले में स्थानांतरित होकर आया था।
पिता की तहरीर पर दर्ज हुई रिपोर्ट
संभल। सिपाही अंकित के पिता राजवर्धन सिंह को बेटे की हत्या का अंदेशा है। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि उनका बेटा अंकित हयातनगर चौकी पर मौजूद था। उसकी ड्यूटी हेड कांस्टेबिल देवेंद्र के साथ लगी थी। देवेंद्र और फालोवर अमित कुमार भी मौजूद थे। जिनकी उपस्थिति में चौकी परिसर की बैरक में गोली लगने के कारण सिपाही अंकित कुमार की हत्या हो गई। जिस पिस्टल से हत्या हुई है वह देंवेंद्र कुमार के नाम पर थी। हत्या की पूरी जांच कराई जाए और दोनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। राजवर्धन सिंह ने उनके पहुंचने से पहले शव पोस्टमार्टम भेजने पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने जल्दबाजी दिखाई है। उनके या किसी और परिजन के पहुंचने से पहले बैरक से लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दी गई। रात में एसपी ने बताया कि दोनों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। हेड कांस्टेबिल देवेंद्र को निलंबित कर दिया है।
वीडियोग्राफी कराई गई, डाक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
संभल। डाक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच सिपाही अंकित का पोस्टमार्टम किया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि किसी तरह से कोई साक्ष्य छूटने न पाए, इसलिए घटना स्थल की भी वीडियोग्राफी कराई गई है। फोरेंसिक जांच हुई है। सभी साक्ष्य जुटाए गए हैं।
माता-पिता का इकलौता बेटा था अंकित
संभल। अंकित अपने माता-पिता का अकेला बेटा था। परिवार ने बहुत से सपने संजोए थे लेकिन अचानक जब उसकी मौत की सूचना फोन पर मिली तो सबके सब स्तब्ध रह गए। पिता राजवर्धन सिंह ने बताया कि अंकित के एक बहन है। जिसकी शादी हो गई है। अंकित अविवाहित था। बड़े सपने संजोए थे लेकिन अचानक पता नहीं यह क्या हो गया।
मेेरे बेटे का चेहरा दिखा दो...
संभल। राजवर्धन सिंह की पत्नी और अंकित की मां मुनेश देवी जब शाम 3.50 बजे पुलिस चौकी पहुंचीं तब तक लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजी जा चुकी थी। मुनेश ने पुलिस चौकी आते ही कहा कि मुझे मेरे बेटे का चेहरा दिखा दो। पुलिस ने उन्हें तत्काल बहजोई स्थित पोस्टमार्टम हाउस जाने के लिए कहा। इसके बाद वह बहजोई रवाना हो गईं।