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वाणिज्य कर विभाग के अफसर का फरमान...आईजी पुलिस हाजिर हों

Sat, 14 Mar 2020 01:42 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो उमेश शर्मा, मुरादाबाद ब्यूरो
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- फोटो : amar ujala
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वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर का एक फरमान इन दिनों वाणिज्य कर विभाग और पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना है। असिस्टेंट कमिश्नर ने नोटिस भेजकर मुरादाबाद रेंज के आईजी पुलिस को अपने कार्यालय में तलब किया है। असिस्टेंट कमिश्नर ने आईजी को हिदायत दी है कि अगर 16 मार्च को सुबह 11 बजे वह समस्त लेखा पुस्तकों, स्टॉक रजिस्टर और लिखित स्पष्टीकरण के साथ उनके कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए तो एकपक्षीय कार्रवाई कर दी जाएगी। नोटिस में कहा गया है कि आईजी ने टेंडरों की बिक्री प्रदर्शित नहीं की है। पूछा है कि ठेकेदारों को किए भुगतान पर टीडीएस कटौती का विवरण विभाग को क्यों नहीं बताया गया।

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असिस्टेंट कमिश्नर की ओर से जारी नोटिस देख पुलिस अफसरों का माथा भी चकरा गया। नोटिस में कही गई टीडीएस, ठेके, टेंडर और स्टॉक रजिस्टर और वाणिज्य कर जमा करने की बातें अफसरों के पल्ले नहीं पड़ रही है। वाणिज्य कर विभाग में भी इस नोटिस को लेकर स्टॉफ चटकारे ले रहा है। आईजी ने नोटिस मिलने की पुष्टि की है। असिस्टेंट कमिश्नर ने पहले ऐसा कोई भी नोटिस जारी करने से साफ इंकार कर दिया बाद में बोले रूटीन में गया है। नोटिस में आईजी से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि वर्ष 2016-17 में कोई बिक्री प्रदर्शित क्यों नहीं की, टेंडरों की बिक्री प्रदर्शित क्यों नहीं की, ठेकेदारों को किए भुगतान पर विभाग को टीडीएस क्यों नहीं दिया और मासिक/तिमाही रूपपत्र 24 व समस्त कर जमा का कोई साक्ष्य उपलब्ध क्यों नहीं कराया गया।

किसने क्या कहा 

वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर ने नोटिस भेजकर 16 मार्च को सुबह 11 बजे लेखा पुस्तक और स्टॉक रजिस्टर के साथ अपने कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा है। पुलिस विभाग से वह कौन से लेखा पुस्तक और स्टॉक रजिस्टर मांग रहे हैं यह साफ नहीं है। हम इस बारे में पता कर रहे हैं। वर्ष 2016-17 को लेकर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इससे पहले विभाग का कोई नोटिस नहीं मिला। - रमित शर्मा, आईजी।
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बाकी विभागों को भेजे जाने वाले सामान्य नोटिसों की प्रक्रिया में यह नोटिस भेज दिया गया है। तलब करने जैसी कोई बात नहीं है। ठेकेदारों को होने वाले भुगतान पर वाणिज्य कर विभाग टीडीएस वसूलता है। हम सभी विभागों को ऐसे नोटिस भेजकर उनसे पूछते हैं कि उन्होंने यदि ठेकेदारों को कोई भुगतान किया है तो उस पर टीडीएस जमा करा दें। - हीरालाल जायसवाल, असिस्टेंट कमिश्नर, वाणिज्य कर, खंड- 9

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