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थ्री नॉट थ्री की जगह अब मुरादाबाद पुलिस के पास इंसास

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इंसास - फोटो : सोशल मीडिया
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पुलिस के पास अब थ्री नॉट थ्री राइफल की जगह इंसास पहुंच गई है। पुलिसकर्मियों से थ्री नॉट थ्री की राइफल वापस लेकर उसे अब वापस पुलिस मुख्यालय भेजने की तैयारी की जा रही है।

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थ्री नॉट थ्री को यूपी पुलिस ने मस्कट राइफल की जगह अपने शस्त्रागार में जगह दी थी। मुरादाबाद पुलिस के पास 763 थ्री नॉट थ्री राइफल आई थी। जिनकी मदद से लगभग 50 साल से भी अधिक समय से पुलिस ने बदमाशों का मुकाबला किया।

इस दौरान कई बार बदमाशों से मुठभेड़ भी हुई, जिसमें थ्री नॉट थ्री राइफल मुरादाबाद पुलिस की मददगार बनी और बदमाशों को पस्त किया गया। लेकिन समय के साथ ही अपराधी भी हाईटेक होते गए। जिसके बाद पुलिस को भी अत्याधुनिक असलहों की जरूरत महसूस हुई।
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पुलिस ने तब एसएलआर, एके 47 और एमपी5 जैसे हथियारों को अपने शस्त्रागार में जगह दी और हाईटेक बदमाशों का मुकाबला करने के लिए पुलिस भी हाईटेक हुई लेकिन सैकड़ों पुलिसकर्मियों को अब भी थ्री नॉट थ्री राइफल ही मिली हुई थी। जिसको बदलकर अब पुलिसकर्मियों को अत्याधुनिक असलहा इंसास दिया गया है।

इंसास की मारक क्षमता थ्री नॉट थ्री से ज्यादा
मुरादाबाद। इंसास की खूबी ये है कि आटोमैटिक हथियार है। टेलीस्कॉप की मदद से इससे थ्री नॉट थ्री की क्षमता से भी दूर तक निशाना बनाया जा सकता है। इंसास 400 गज तक बिना टेलीस्कॉप के भी कारगर है। इंसास की मदद से एक साथ अपराधियों के पूरे झुंड को भी निशाना बनाया जा सकता है और एक एक कर भी उनको निशाना बनाया जा सकता है। इसके लिए चेंज लीवर को अपनी जरूरत के हिसाब से चेंज करना होता है।

सिपाहियों को इंसास, एसएलआर और दरोगाओं को पिस्टल
पुलिसकर्मियों के बीच इंसास की मांग जबरदस्त है। इस वजह से ज्यादा से ज्यादा सिपाहियों को इंसास दी जा रही है। इसके अलावा पुलिस के पास डेढ़ सौ से अधिक सेल्फ लोडेड राइफल (एलएलआर) भी है। एसएलआर भी सिपाहियों को दी गई है। दरोगाओं के पास पिस्टल है।

‘ पुलिस मॉर्डनाइजेशन के प्रोग्राम के जरिए पुलिसकर्मियों को अत्याधुनिक हथियार दिए जा रहे हैं। इस वजह से पुलिसकर्मियों को थ्री नॉट थ्री की जगह इंसास दी गई है। थ्री नॉट थ्री पुलिसकर्मियों से वापस ली गई हैं।’
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अमित कुमार आनंद, एसपी सिटी

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