सलमान, जिनका जिक्र पीएम ने 'मन की बात' में किया
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शहर से 12 किलोमीटर दूर काशीपुर मार्ग पर स्थित हमीरपुर गांव रविवार को राष्ट्रीय स्तर पर छा गया। इस गांव की प्रधान हुस्न जहां के दिव्यांग बेटे सलमान की खूब चर्चा हो रही है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात कार्यक्रम’ में सलमान का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को सलमान से सीख लेनी चाहिए। दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने खुद हार नहीं मानी। जूते-चप्पल की फैक्टरी लगाकर अब वह दूसरे दिव्यांगों के भी सहारा बन गए हैं। सलमान ने अपनी कमजोरी को ताकत बनाया। वह अपने जैसे दूसरे लोगों का सहारा बन गए हैं। वह 30 दिव्यांगों को रोजगार दे रहे हैं।
मुरादाबाद के हमीरपुर गांव निवासी ग्राम प्रधान हुस्न जहां का परिवार रहता है। प्रधान का पांचवें नंबर के बेटे सलमान जन्म से ही दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। वह बारहवीं उत्तीर्ण है। सरकारी विभाग में जॉब नहीं मिली तो उसने हार नहीं मानी। पिछले साल दिसंबर में नौकरी की आस छोड़कर खुद काम करने और अपनी तरह के लोगों को रोजगार देने की ठान ली।
इसके लिए उन्होंने अपने गांव में पांच लाख रुपये लगाकर टारगेट नाम से कंपनी खोली। चप्पल और डिटर्जेंट बनाने का काम शुरू कर दिया। छह महीने पहले से सलमान ने मार्केटिंग शुरू की। अब उनका कारोबार साथियों का वेतन निकाल कर लाभ में पहुंच गया है। उनके कारखाने में अब तक 30 दिव्यांग रोजगार से जुड़ गए हैं। प्रधानमंत्री के मुंह से सलमान की तारीफ सुनकर ग्राम वासियों की खुशी का भी ठिकाना नहीं रहा। उनके घर बधाइयां देने वालों की भीड़ लगी है।
एक सप्ताह पहले पीएमओ ने मांगी थी जानकारी
बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले ही पीएमओ ने मुरादाबाद के अधिकारियों से सलमान के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके बाद अफसरों ने रिपोर्ट और सलमान के बारे में जानकारी भेजी गई थी।
उम्मीद नहीं थी प्रधानमंत्री मेरे बारे में बोलेंगे, बहुत खुश हूं : सलमान
मुझे उम्मीद नहीं थी कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में मेरे बारे में बोलेंगे। मैं अपने साथी कर्मचारियों के साथ काम में जुटा था। रविवार दोपहर कुछ लोगों ने मुझे कॉल की। उन्होंने बताया कि आज प्रधानमंत्री ने मेरी तारीफ की है। मेरे कार्य की सराहना की है। मुझे सुनकर बहुत अच्छा लगा। इसके बाद मैंने मोबाइल पर वीडियो सुनी। वीडियो सुनकर बड़ी खुशी हुई। हमें अपने देश के प्रधानमंत्री पर गर्व है।
मैं लंबे समय से फैक्ट्री के लिए लोन मांग रहा था, लेकिन लोन नहीं हो पा रहा था। कुछ दिन पहले अधिकारी मेरे घर पहुंचे और लोन मंजूर होने की जानकारी दी। पांच लाख का जोन मंजूर हो गया है। पहली किस्त में पचास हजार रुपये मिले हैं। मैनें बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद बीएससी में दाखिला लिया था। 15 मई 2017 से बीएससी की परीक्षा थी। उसी दिन पिता का इंतकाल हो गया था। जिस कारण वह परीक्षा देने नहीं पहुंचा था। तब से करियर को लेकर तमाम आशंकाएं थीं। लेकिन शुरू किया तो काम चल निकला। अब सब तारीफ करते हैं और हौसला बढ़ाते हैं।