अब उनका कारोबार साथियों का वेतन निकालकर लाभ में पहुंच गया है। उनके कारखाने में अब तक 30 दिव्यांग रोजगार से जुड़ गए हैं। उनहें स्वरोजगार भी सिखाया जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर हो सकें।
सलमान बताते हैं कि उन्होंने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए कई साल तक कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली तब भी उन्होंने हार नहीं मानी। आज पीएम के मुंह से तारीफ सुनने के बाद से सलमान, परिवार और गांव वाले खुशी से झूम उठे हैं।
बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले पीएमओ ने मुरादाबाद के अधिकारियों से सलमान के बारे में जानकारी मांगी थी। सलमान लंबे समय से फैक्ट्री के लिए लोन मांग रहे थे, लेकिन लोन पास नहीं हो पा रहा था। कुछ दिनों पहले अधिकारी उनके घर पहुंचे और लोन मंजूर होने की जानकारी दी। सलमान की मां हमीरपुर की वर्तमान प्रधान हैं। उनसे पहले सलमान के पिता मोहम्मद अच्छन इस गांव के प्रधान रहे हैं।