मुरादाबाद। एक तरफ सब पढ़ें-सब बढ़ें का नारा देकर हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का दावा किया जाता है, दूसरी तरफ विभाग बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ कर रहा है। कई सरकारी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम और छात्र-शिक्षक अनुपात के नियम की धज्जियां उड़ रही हैं। प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदपुर ध्यान सिंह स्कूल में 18 बच्चों को पढ़ाने के लिए पांच शिक्षकों की तैनाती है, वहीं प्राथमिक विद्यालय कुंदनपुर में 100 बच्चों के भविष्य का पूरा बोझ अकेले शिक्षक के कंधे पर छोड़ दिया गया है।
प्राथमिक विद्यालय कुंदनपुर, प्राथमिक विद्यालय महलकपुर निजामपुर, प्राथमिक विद्यालय मौहम्मदपुर समेत कई स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार छात्र और शिक्षक नहीं हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही का आलम यह है किसी स्कूल में शिक्षक ज्यादा बच्चे कम हैं, तो कहीं बच्चे ज्यादा हैं और शिक्षक कम।
नियमानुसार प्राथमिक विद्यालय कुंदनपुर में 100 बच्चों पर कम से कम तीन शिक्षक होने चाहिए। इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदपुर में 18 बच्चों पर एक शिक्षक की जरूरत है। लेकिन इन स्कूलों में शिक्षक और छात्रों का अनुपात एक दम भिन्न है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार प्राथमिक स्तर पर हर 35 बच्चों पर एक शिक्षक (1:35 का अनुपात) होना अनिवार्य है।
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स्कूल में सफाई नहीं, उग आई है घास
प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदपुर ध्यान सिंह में इन दिनों अव्यवस्था फैली हुई है। स्कूल परिसर में लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। इसकी वजह से बड़ी-बड़ी घास उग आई है। यहां पर पढ़ने वाले छोटे बच्चों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों का खेलकूद पूरी तरह से बंद है। स्कूल के गेट के बाहर नालियों का गंदा पानी बह रहा हैं। इससे होकर बच्चे स्कूल में आने-जाने के लिए मजबूर हैं। इसकी वजह से बच्चों में बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।
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विद्यालय का नाम-कुल छात्र-तैनात शिक्षक
-प्रा. वि. मौहम्मदपुर ध्यान सिंह-18-5
-प्राथमिक विद्यालय कुंदनपुर-100-1
-प्रा. वि. महलकपुर निजामपुर-91-5
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शहर में स्थित स्कूलों के शिक्षकों का शहर में और ग्रामीण के स्कूलों के शिक्षकों का ग्रामीण में समायोजन चल रहा है। शहर के केवल एक स्कूल में एक शिक्षक छात्रों के मुकाबले अतिरिक्त हैं। कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों से शहरी क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों का ट्रांसफर हो जाए तो शिक्षक और छात्रों का अनुपात ठीक हो जाएगा।
-वेगीश गोयल, खंड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र