अगवानपुर (मुरादाबाद)। शेरुआ चौराहा स्थित जिस पिज्जा रेस्टोरेंट में धमाका हुआ है वह दो देशों की यात्रा करके आया था। सिंगापुर और थाईलैंड में कई माह रहा है। अब खुफिया एजेंसी ब्रजपाल के विदेश में रहने और उसके वहां कौन कौन लोग संपर्क में थे इसकी भी पूरी डिटेल जुटा रही हैं।
अमरोहा के बछरायूं थाना क्षेत्र के फतेहपुर छीतरा निवासी ब्रजपाल उर्फ बिरजू ने अमरोहा के राजकीय इंटर कॉलेज के पास एक रेस्टोरेंट से अपने कॅरिअर की शुरुआत की थी। उसने करीब एक साल तक यहां पिज्जा रेस्टोरेंट चलाया और फिर इस सेक्टर में बढ़ने का निर्णय लिया।इंटरमीडिएट के बाद ही उसने विदेश से पढ़ने का मन बना लिया। सिंगापुर में एक कॉलेज में होटल मैनेजमेंट में दाखिला भी ले लिया।2023 में पहली बार स्टूडेंट वीजा पर ब्रजपाल सिंगापुर चला गया। उसने पढ़ाई के साथ एक होटल में वेटर की नौकरी कर ली। जिससे उसका जेब खर्च निकलने लगा लेकिन पारिवारिक कारणों की वजह से महज आठ महीने करीब (240 दिन) में उसको घर लौटना पड़ गया। उसकी पढ़ाई भी छूट गई। उसने घर आकर फिर से वहीं रेस्टोरेंट शुरू किया। इस बार रेस्टोरेंट नहीं चला तो शेरुआ चौराहे पर एक दुकान किराए पर ली। उसने दुकान में रेस्टोरेंट की शुरुआत की लेकिन यहां भी कुछ खास फायदा नहीं हुआ। उसने अपना रेस्टोरेंट एक दोस्त को ठेके पर दे दिया। खुद ने फिर विदेश जाने की ठान ली। उसने चचेरे भाई रूप सिंह से विदेश चलने को बोला और कहा उसकी उत्तराखंड निवासी एक शख्स ने जान-पहचान है। वह उनको विदेश में एक होटल की नौकरी पर भेजेगा। तनख्वाह भी अच्छी मिलेगी। इस पर दोनों भाई तैयार हो गए। इस बार 2025 में भाई रूप सिंह के साथ थाईलैंड चला गया। दोनों भाइयों ने होटल में नौकरी की। रूप सिंह बताते है कि साढ़े 7 महीने उनका काम ठीक रहा लेकिन थाईलैंड में युद्ध के कारण हालत खराब थे। थाईलैंड सरकार ने वीजा की तारीख आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी। जिससे दोनों भाई 210 दिन बिताने के बाद वापस घर लौट आए। ब्रजपाल ने बाद में दुकान वापस ले ली। उसने फिर से वेब पिज्जा रेस्टोरेंट खोल लिया। शुक्रवार की सुबह दुकान में तेज धमाका हुआ। शुरुआत में सिलिंडर के फटने से धमाके की अफवाह उड़ रही थी लेकिन दुकान में दोनों सिलिंडर, ओवन समेत बैटरी ठीक-ठाक रखे होने से धमाका शक के दायरे में आ गया। इसके बाद बम दस्ता, डॉग स्क्वॉड, खुफिया विभाग समेत तमाम एजेंसी सक्रिय हो गई। शनिवार को एजेंसी के लोग ब्रजपाल से अस्पताल में मिले। उनसे कई सवालों के उत्तर तलाशने की कोशिश में लगे रहे। कोई परिणाम ठीक नहीं निकला जबकि लोग धमाके से दहशत में है।