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पीयूष ने साबित किया, मेहनत से मुमकिन है मंजिल तक पहुंचना: क्रीड़ाधिकारी

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मुरादाबाद। वर्ल्ड कप विजेता और टीम इंडिया के अनुभवी स्पिनर पीयूष चावला के क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद शहर में खेल प्रेमियों के बीच गर्व और भावुकता का माहौल है। सीमित संसाधनों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकने वाले पीयूष की मेहनत को शहर के खेल विभाग और ओलंपिक संघ के पदाधिकारियों ने सराहा है। अधिकारियों का कहना है कि पीयूष का करिअर बाकी बच्चों के लिए प्रेरणा है। पीयूष की सलाह पर स्टेडियम में जरूरी खेल सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, ताकि पीयूष की तरह नई पौध भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे और शहर का मान बढ़ाए।
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- पीयूष चावला ने शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। यह उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का नतीजा है। जब वह शहर आएंगे तो उन्हें स्टेडियम में भव्य सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने शहर का गौरव कई बार बढ़ाया है। पीयूष की सलाह पर स्टेडियम में खेल सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि नए खिलाड़ियों को अच्छे अवसर मिल सकें। - जितेंद्र यादव, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी

- पीयूष चावला शहर के हीरो रहे हैं। जिन परिस्थितियों में वह आगे बढ़े और अपने क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति तक पहुंचे वह नए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने शहर के युवा खिलाड़ियों को यह यकीन दिलाया है कि छोटे शहरों से भी सर्वोच्च स्तर तक पहुंचा जा सकता है। - डॉ. अजय पाठक, संयुक्त सचिव, यूपी ओलंपिक संघ
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- पीयूष ने जो अपने जीवन में हासिल किया है वह बिल्कुल भी आसान नहीं था। पीयूष चावला का करियर इस बात का प्रमाण है कि जुनून, मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी खिलाड़ी शून्य से शिखर तक पहुंच सकता है। उन्होंने स्पष्ट नहीं किया है कि वह आगे क्या करेंगे, लेकिन इतना जरूर है कि वह शहर के बच्चों के लिए हमेशा खड़े रहेंगे। - यश शुक्ला, बीसीसीआई बी लेवल कोच
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