मुरादाबाद। स्वास्थ्य विभाग होम आइसोलेट कोरोना संक्रमित मरीजों को अब मनोचिकित्सकों का सहारा भी देगा। कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं होने के बाद भी संक्रमित तनाव ले रहे हैं। इससे उनके ठीक होने में समय लग रहा है। खासकर, बुजुर्ग संक्रमण की चपेट में आने के बाद चिड़चिड़े हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग होम आइसोलेट मरीजों की खैर खबर के साथ अब वीडियो कॉल कर उनका मनोबल बढ़ाएगा।
कोरोना संक्रमित मरीजों के प्रति समाज में धारणा सकारात्मक नहीं है। आस-पड़ोस के लोग कानाफूसी करते हैं। संक्रमण का फैलाव न हो, इसके लिए भी मरीज को परिवार के सदस्यों से अलग रहना पड़ता है। अकेलापन महसूस होने से कई मरीज मानसिक अवसाद का शिकार हो रहे हैं। इस समय 344 संक्रमित मरीज होम आइसोलेट हैं। एकीकृत कंट्रोल रूम से मरीजों की खैर-खबर लेने हर रोज फोन किया जाता है। मरीज अपने स्वास्थ्य संबंधित अपडेट देता है।
सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि अधिकतर होम आइसोलेट मरीज शहरी क्षेत्र में हैं। शहर को सात जोन में बांटा गया है। हर जोन में दो टीमें बनी हैं। टीमें ही मरीजों की निगरानी से लेकर आशंकितों को ट्रेस कर उनकी सैंपलिंग करा रही हैं। टीमों के प्रभारियों ने कुछ मरीजों को वीडियो कॉल किया। इससे मरीजों का हौसला बढ़ा है। सीएमओ ने बताया कि सभी जोन प्रभारियों और कंट्रोल रूम से मरीजों को दो दिन में कर बार वीडियो कॉल करने को कहा गया है। इससे मरीजों को मनोचिकित्सकों का सहारा मिलेगा और तनाव दूर होगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों की आनलाइन काउंसलिंग भी कराई जाएगी।