मुरादाबाद। शहर में कंटेनर डिपो के सामने थार से कुचल कर मौत के घाट उतारे गए रेलवे कर्मी के इकलौते बेटे अमन कुमार को इन्साफ दिलाने के लिए लोग सड़क पर उतर आए। उन्होंने शनिवार को रेलवे स्टेशन से लेकर कलक्ट्रेट तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। गैर इरादतन हत्या को हत्या में तरमीम कराने और थार में अनमोल के साथ मौजूद उसके साथियों की गिरफ्तारी की माग की। प्रदर्शन करने वाले लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने आरोपियों को बचाने की कोशिश की तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सिविल लाइंस के चंद्र नगर निवासी रेलवे लोको पायलट योगेंद्र प्रजापति का बेटा अमन 15 सितंबर की रात साढ़े दस बजे अपनी छोटी बहन माही के जन्मदिन के लिए केक लेकर लौट रहा था। कंटेनर डिपो के सामने कट पर नीलकंठ कॉलोनी निवासी अनमोल अरोड़ा ने थार से उसे कुचल दिया था। थार में अनमोल के साथ उसके साथी लाजपत नगर निवासी सुकेत खन्ना और रेलवे हरथला कॉलोनी निवासी दिव्यम चौधरी भी सवार थे। अनमोल को लोगों ने मौके पर ही दबोच लिया था, जबकि दोनों साथी भाग गए थे। एक सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस ने न तो जांच पूरी की और न ही अनमोल के साथियों को पकड़ सकी। पुलिस के इस रवैये से दुखी होकर शनिवार को रेलवे कर्मी और अन्य लोग सड़कों पर उतर आए। रेलवे कर्मचारी सुरक्षा फोरम के तत्वावधान में रेलवे के सभी संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी रेलवे स्टेशन पर रनिंग लॉबी में एकत्र हुए। यहां सबसे पहले अमन को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद कर्मचारी कलक्ट्रेट पहुंच गए। यहां अन्य लोग भी इनके साथ जुड़ गए। उन्होंने डीएम और एसएसपी कार्यालय में ज्ञापन दिया। जिसमें उन्होंने मांग कि है कि केस में हत्या की धारा बढ़ाई जाए और फरार आरोपी सुकेत और दिव्यम को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस अफसरों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि केस में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में कुंवर सुहेल खालिद, संजय यादव, मनोज शर्मा, योगेश कुमार, कपिल कुमार, महेश गंगवार, अरविंद कुमार, संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।