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भूल रहे मास्क, शारीरिक दूरी का टूटना जारी, कैसे खत्म हो महामारी

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मुरादाबाद के जिला अस्पताल में दवाई लेने के लिए पहुंचे मरीज। - फोटो : CITY
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मुरादाबाद। महानायक अमिताभ बच्चन की आवाज में एक समय हर मोबाइल की कॉलर ट्यून बनी दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी, जब तक दवाई नहीं तक ढिलाई नहीं...शायद लोग भूलने लगे हैं। सामाजिक दूरी टूटने लगी है। मास्क भी अब जरूरी नहीं दिखाई देता है। सोमवार को जिला अस्पताल परिसर में कुछ ऐसे ही हालात देखने को मिले। ऐसे में दोबारा दबे पांव सामने खड़ी महामारी को कैसे मात देेंगे। ये सवाल है।
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सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ देखने को मिली। पर्ची काउंटर से दवा काउंटर तक, ओपीडी से पैथोलॉजी तक मरीजों की कतार दिखी। लेकिन कहीं भी कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन होता नहीं दिखा। लंबी कतारों में खड़े अधिकांश मरीज और उनके तीमारदार बिना मास्क के दिखाई दिए। ओपीडी के बाहर मरीजों की सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। यहां एक दूसरे के बीच सामाजिक दूरी भी नहीं रही। काउंटरों पर ड्यूटी कर रहे स्टाफ भी मास्क से परहेज करता ही नजर आया। ये हाल तब है, जब संक्रमण की रफ्तार बढ़ रही है। मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन लोग उसी रफ्तार के साथ अधिक लापरवाह होने लगे हैं। बिना मास्क और सामाजिक दूरी के कोरोना की जंग अधूरी है। इसलिए समय रहते सचेत और सजग हो जाइए वरना महाराष्ट्र जैसे यहां भी हालात बनते देर न लगेगी।
वैक्सीन से कम नहीं मास्क और सामाजिक दूरी
मुरादाबाद। सीएमओ डा. एमसी गर्ग का कहना है कि अभी कोरोना से बचाव का टीका निर्धारित उम्र के लोगों को लगाया जा रहा है। जब तक हर किसी को टीका नहीं लग जाता है तब तक मास्क, सामाजिक दूरी और सावधानी ही वैक्सीन है। इसलिए लापरवाही कतई न बरतें। संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
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एक नजर मार्च की स्थिति पर
- 32 नए संक्रमित मरीज मिल चुके हैं
- 01 संक्रमित मरीज की मौत हो चुकी है
- 28 सक्रिय मरीजों की संख्या हो गई है
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