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चपरासी ने ‘बेच’ डाली करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन

Fri, 26 Aug 2016 11:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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अपराध - फोटो : demo
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 बेशक नेताजी (मुलायम सिंह यादव) रोज नसीहत देते रहें लेकिन यहां ‘नेता गैंग’ जमीनाें का मोह छोड़ने को तैयार नहीं। अब त्रिलोकपुर गांव में ग्राम समाज की एक हजार बीघा से अधिक जमीन पर नेता के करीबियों द्वारा कब्जा करने का मामला सामने आया है। नेता - अफसर गठजोड़ के इस ‘खेल’ में चकबंदी विभाग के एक चपरासी ने अहम भूमिका निभाई है। दो अफसरों के नाम की सरपरस्ती में इस चपरासी ने ग्राम समाज की एक हजार बीघा से ज्यादा जमीन पर नेता के करीबियों को कब्जा करा दिया है।
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रामगंगा नदी के दूसरी साइड स्थित त्रिलोकपुर जिले का नहीं आसपास के जनपदों में भी सबसे बड़ा गांव है। चकबंदी विभाग यहां चकबंदी करा रहा है। चकबंदी में पुरानी और नई बचत (पांच प्रतिशत कटौती) की एक हजार बीघा से जमीन गांव के चकों में निकली है। इसके अलावा पट्टों की भी जमीन है। नियमानुसार यह सारी जमीन ग्राम समाज की होती है और चकबंदी के बाद इस जमीन पर ग्राम प्रधान को कब्जा दे दिया जाता है।

बाद में प्रशासन इस जमीन में भूमिहीनों को पट्टे काटता है और उन्हें कब्जा दिला दिया जाता है। लेकिन त्रिलोकपुर गांव में चकबंदी विभाग के एक चपरासी ने ग्राम समाज की एक हजार बीघा से अधिक जमीन पर एक नेता के करीबियों को कब्जा करा दिया है। चपरासी को दो अफसरों का खास बताया जा रहा है। महकमे के अफसरों की सरपरस्ती में हुए इस खेल से ग्रामीणों में गुस्सा है। गांव के ही नौशाद, जुल्फिकार, नोमान समेत दर्जनभर से अधिक ग्रामीणों ने पहले चकबंदी महकमे में शिकायत की लेकिन जब शिकायत अनसुनी कर दी गई तो अर्जी सीएम दरबार में लगा दी है।
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इस मामले में एसओसी संतोष कुमार ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच करा रहे हैं। उन्हाेंने माना कि बचत की जमीन पर ग्राम समाज को कब्जा दिया जाता है लेकिन व्यवहारिक रूप से कई बार अगल - बगल वाले किसान इस खाली पड़ी जमीन को जोत लेते हैं। जिसे हटवा दिया जाएगा। मामले की जानकारी होने पर डीएम ने भी जांच बैठा दी और चकबंदी विभाग के अफसरों से रिकार्ड तलब कर लिया है।
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