जिला अस्पताल में हड्डी रोगियों के लिए ट्यूब न होने से डॉक्टर ने एक महिला का तीन दिन से इलाज नहीं किया। इतना नहीं महिला का परिवार चीखता ही रह गया उसे लावारिस वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। महिला इलाज के लिए तड़पती रही।
इससे नाराज परिजन भड़क गए, मामले की शिकायत अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टर से की गई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन बैकफु ट पर आया और महिला का उपचार किया गया।
असालतपुरा निवासी अर्शी ने बताया कि उनकी सास नरगिस की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने के कारण वहां पर घाव हो गया है। सोमवार को उन्होंने सास को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। भर्ती किए जाने के दौरान डॉक्टरों ने इलाज किया लेकिन इसके बाद मरीज की सुध नहीं ली।
बीमार नरगिस इलाज के लिए तड़पती रही। हड्डी रोग डॉक्टर से शिकायत किए जाने पर भी उपचार नहीं किया गया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि महिला के इलाज के लिए उन्हें ट्यूब की जरूरत है जो कि अस्पताल में नहीं है। इसके बाद मरीज को मंगलवार शाम अस्पताल स्टाफ ने जनरल वार्ड से लावारिस वार्ड में शिफ्ट कर दिया।
उस वक्त परिजन अस्पताल परिसर में ही मौजूद थे। वह महिला को उपचार के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने लगे। इस दौरान अन्य परिजन भी अस्पताल पहुंच गए, उन्हें मामले का पता चला तो वह भड़क गए। मामले की शिकायत अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टर से की गई।