मुरादाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्थापना दिवस पर विजयदशमी उत्सव को शौर्य के प्रतीक के रूप में मनाया। महानगर में रविवार को 16 स्थानों पर पथ संचलन किया गया। पथ संचलन का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। स्वयंसेवकों ने पथ संचलन कर राष्ट्र को मजबूत करने के लिए समाज में एकजुटता का संदेश दिया।
स्वयंसेवकों ने विजयदशमी पर पीतल नगरी, गोविंद नगर, कटघर, कृष्ण नगर, हनुमान नगर, अर्जुन नगर, दीनदयाल नगर, रामगंगा विहार नगर, हिमगिरी नगर, कांशीराम नगर, बुद्धि विहार नगर, प्रकाश नगर, केजीके नगर, नया मुरादाबाद, महादेव नगर एवं शिवाजी नगर में पथ संचलन और शस्त्र पूजन किया।
वक्ताओं ने कहा कि नवरात्र नारी पूजा व शक्ति का प्रकटीकरण का दिवस है। पांडवों ने नवरात्र की समाप्ति पर ही पुनः शस्त्र धारण किए थे, क्योंकि दुनिया में शक्तिशाली की बात सब सुनते हैं। कमजोर की बात कोई नहीं सुनता। उन्होंने कहा कि यज्ञ, गाय, सज्जन शक्ति, मंदिर की रक्षा के लिए राम के रूप में युवा शक्ति की जरूरत थी। इसलिए विश्वामित्र द्वारा दशरथ से राम की मांग की गई।
वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वह अपनी संस्कृति पर गर्व करें और प्रत्येक घर में अपनी संस्कृति को पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं। संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा कि मोहन भागवत का बयान शास्त्र सम्मत है। इसमें कुछ गलत नहीं है। सतयुग में ज्ञान शक्ति, त्रेतायुग में मंत्र शक्ति तथा द्वापर में युद्ध शक्ति प्रमुख बल था, लेकिन कलियुग में संगठन की शक्ति ही प्रधान है।
यह रहे मौजूद : कार्यक्रम में प्रांत व्यवस्था प्रमुख अजय गोयल सुगंध, विभाग प्रचारक बृजमोहन, विभाग संघचालक सुरेन्द्र पाल सिंह, विभाग प्रचार प्रमुख पवन कुमार जैन, महानगर संघचालक डॉ. विनीत गुप्ता, विपिन चौधरी, रोहित कुमार, ओमप्रकाश शास्त्री, देवेश सिंह, अनिल कुमार, डाॅ. काव्य सौरभ जैमिनी, संदीप सिंघल, कमलकांत राय आदि मौजूद रहे।