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Moradabad News: सिंदूर खेला के साथ दी मां को विदाई, गूंजे भजन

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मुरादाबाद। छह दिन से शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाए जा रहे दुर्गा पूजा महोत्सव में रविवार को सिंदूर खेला के बाद मां दुर्गा को विदाई दी गई। महिलाएं लाल और सफेद रंग की पारंपरिक बंगाली साड़ी पहनकर पहुंचीं। पंडालों से रामगंगा नदी तक धूमधाम से विसर्जन यात्राएं निकाली गईं। रास्ते भर श्रद्धालु सिंदूर खेलते हुए ढोल-नगाड़ों की धुन पर माता के भजनों पर झूमते हुए चले। माता के जयकारों से भक्ति का माहौल बन गया। शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु माता की प्रतिमाओं का विसर्जन करने रामगंगा नदी के तट पर पहुंचे।
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सद्भावना पार्क में सुबह साढ़े सात बजे विजयदशमी की पूजा की गई। इसके बाद अपराजिता पूजा का आयोजन किया गया। रुद्रपुर से आए किरन चक्रवर्ती ने पूजा करवाई। महिलाओं ने माता को सिंदूर लगाने के बाद सिंदूर खेला। इसके बाद विसर्जन यात्रा सीएल गुप्ता नेत्र संस्थान के पास रामगंगा नदी तक निकाली गई। धूमधाम से माता का विसर्जन किया। भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान सूचीमय बर्मन, पीके लहरी, कविता मजूमदार, शिखा वर्मन, उन्नति चौधरी आदि मौजूद रहीं।
कांशीराम नगर स्थित कालीबाड़ी मंदिर में दुर्गा महोत्सव के अंतिम दिन जयकारों के बीच विसर्जन यात्रा निकाली गई। महिलाओं ने मैया को सिंदूर लगाने के बाद सिंदूर खेला। बंगाली समाज के अलावा आसपास के क्षेत्रों से महिलाएं कालीबाड़ी पहुंचीं। दही-चिवड़ा का प्रसाद बांटा गया। पंडित गौरी शंकर भट्टाचार्य ने सभी श्रद्धालुओं को रक्षासूत्र बांधा।
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ढाक और शंख की धुन पर महिलाओं ने धुुनुची नृत्य करते हुए शोभायात्रा निकाली। विदाई यात्रा लोकोशेड पुल होते हुए महाराणा प्रताप चौक, स्टेशन रोड, इंपीरियल तिराहा, बुध बाजार चौक, टाउनहॉल, जीएमडी रोड, ताड़ीखाना होते हुए पारकर इंटर कॉलेज पहुंची। यहां से कांठ रोड होते हुए रामगंगा नदी के तट पर यात्रा पहुंची। यहां पर भावपूर्ण तरीके से मैया को विदाई दी। इस दौरान असीम कुमार मित्रा, श्यामल राय, प्रसनजीत घटक, बाबुल देवनाथ, हिमांशु मुखर्जी आदि मौजूद रहे।
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