मुरादाबाद। वर्तमान समय में रेलवे केवल आरक्षित ट्रेनों का ही परिचालन कर रहा है। रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार कंफर्म टिकट के बिना प्लेटफार्म पर प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद लापरवाही का स्तर यह है कि कुछ लोग ट्रेनों में मुफ्त की सैर कर रहे हैं तो कुछ वेटिंग टिकट पर यात्रा कर रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को श्रमजीवी एक्सप्रेस में जाकर पड़ताल की तो चार लोग वेटिंग टिकट पर यात्रा करते मिले।जबकि दो के पास कोई टिकट नहीं था। ये सभी यात्री दिल्ली स्टेशन से पटना जाने के लिए ट्रेन में चढ़े थे। ऐसे में यह प्रश्न खड़ा होता है कि इन यात्रियों को ट्रेन में किसने चढ़ाया।
मंगलवार को गाड़ी संख्या (02392) श्रमजीवी एक्सप्रेस शाम चार बजे मुरादाबाद स्टेशन पर खड़ी थी। इस दौरान अमर उजाला की टीम ने वहां जाकर पड़ताल की। पाया कि कुछ लोग ट्रेन की बोगियों में बाहर की ओर शौचालयों का पास बैठे थे। इन लोगों से जब बाहर की ओर बैठने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि उनके पास कंफर्म टिकट नहीं हैं इसलिए सीट नहीं मिली। इसके अलावा दो यात्रियों के पास तो टिकट ही नहीं थे, जिनमें एक महिला भी शामिल थी। इनमें से राम सागर नाम के यात्री ने बताया कि उसके पास वेटिंग टिकट था जोकि कंफर्म नहीं हो पाया, लेकिन जब उससे टिकट दिखाने को कहा गया तो उसके पास टिकट नहीं निकला। यात्री का कहना था कि वह बिहार में तैनात एक आरपीएफ कांस्टेबल का परिचित है। जबकि महिला ने बताया कि उसने टिकट चेकिंग स्टाफ को दो हजार रुपये देकर पर्ची कटवाई है, लेकिन इस प्रकार की कोई पर्ची उसके पास नहीं थी।
मुरादाबाद मंडल में काफी सख्ती बरती जा रही है। इसलिए ऐसा कोई केस अभी तक सामने नहीं आया है। श्रमजीवी एक्सप्रेस में यात्री मंडल के बाहर के किसी स्टेशन से चढ़े हैं तो इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता। मंडल के स्टाफ को सख्त निर्देश देकर अलर्ट किया जाएगा।
- नरेश सिंह, सहायक वाणिज्य प्रबंधक