कुछ ऐसा ही नजारा था रविवार को पंचायत भवन परिसर में अमर उजाला फिल्म महोत्सव का। अमर उजाला की ओर से रविवार को दो फिल्में बमबम बोले और परीक्षा दिखाई गईं। रविवार को अभिभावकों का अवकाश होने के कारण बड़ी संख्या में बच्चे अपने माता-पिता के साथ फिल्में देखने पहुंचे थे। परीक्षा फिल्म में एक पिता का अपने बेटे को अच्छी शिक्षा दिलाने का संघर्ष तो बमबम भोले फिल्म में एक भाई का अपनी बहन को स्कूल भेजने के संघर्ष ने अभिभावकों को प्रभावित किया। अभिभावकों ने कहा कि जीवन में शिक्षा प्राप्त करना बहुत जरूरी है। फिल्म महोत्सव में बच्चों को ऐसी प्रेरणादायक फिल्में दिखाना सराहनीय पहल है।