पंडित नगला बाईपास रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले ओवरब्रिज के पिलर की डिजाइन सोमवार को तय हो गई। अब पिलर के लिए ड्रिलिंग का काम शुरू हो गया है। अब जिला पुलिस से सेतु निगम डायवर्जन प्लान लागू करने का अनुरोध करेगा।
पंडित नगला बाईपास पर रेलवे ओवरब्रिज के लिए 16 पिलर तैयार किए जाएंगे। निर्माण कार्य के कारण सेतु निगम की तरफ से रोड पर लोहे की चादर से बैरीकेडिंग की गई है। रोड के बीच में भी घेराबंदी कर दी गई है। सेतु निगम के पीडी ने बताया कि पिलर की डिजाइन को निर्धारित करने के लिए सोमवार को तकनीकी विशेषज्ञों के बीच बैठक हुई। बैठक में डिजाइन फाइनल दी गई है। अब पिलर के लिए ड्रिलिंग का काम शुरू कर दिया है। इस मामले में जिला पुलिस से डायवर्जन प्लान लागू करने का अनुरोध किया जाएगा।
इस मामले में डीएम पहले ही बैठक कर आरओबी का काम शुरू कराने और डायवर्जन लागू करने के निर्देश दिए थे। इस मामले में रोडवेज के अधिकारियों ने बसों के आवागमन का रास्ता निर्धारित किया था। सेतु निगम ने रोड पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई बोर्ड भी लगाए हैं। बताया गया था कि भारी वाहन हनुमान मूर्ति तिराहा से काशीपुर तिराहा, जीरो प्वाइंट हाईवे से नीचे संभल की तरफ जाएंगे। इस रोड पर अब सिर्फ हल्के वाहन चलने की इजाजत रहेगी। पुल का निर्माण 18 माह में करने के लिए शासन ने लक्ष्य निर्धारित किया है। एक अरब दो करोड़ की लागत से पुल का निर्माण किया जाएगा। सावन के पूरे महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान भारी वाहनों को सिर्फ एक माह चलाने की इजाजत मिलेगी। कांवड़ यात्रा के बाद स्थिति पूर्ववत हो जाएगी। इस पुल की लंबाई 854 मीटर और चौड़ाई 750 मीटर होगी।