किसान घनश्याम सैनी ने चक्कर की मिलक में रहने वाले अपने साले लाल सिंह को यह जमीन खरीदवाई थी। इसके बाद से घनश्याम ही खेतीबाड़ी करते आ रहे थे। इन दिनों खेत में गोभी की फसल है। रात में छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए घनश्याम खेत की रखवाली करते थे। उन्होंने खेत में ही झोपड़ी बना रखी थी। इसी झोपड़ी में वह रोज सोते थे। बुधवार की रात भी वह सोने गए थे। बृहस्पतिवार सुबह उनका शव झोपड़ी में पड़ा मिला।
उनका एक पैर चारपाई पर टंगा हुआ था, जबकि शरीर जमीन पर पड़ा था। उनकी गर्दन, हाथ, पैर और नाक काटी गई थी। इसके अलावा घटना स्थल संघर्ष को बयां कर रहा है। माना जा रहा है कि तब कातिलों ने उन पर हमला किया तो उन्होंने जान बचाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने भागने की कोशिश की तो उन्हें गोभी की फसल में पकड़ लिया और हत्यारोपी दोबारा खींचकर झोपड़ी में ले गए।
शरीर पर मिले 20 से ज्यादा गहरे घाव
पुलिस ने बृहस्पतिवार दोपहर शव का पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट देखकर सभी हैरान हैं। किसान के शरीर पर 20 से ज्यादा गहरे घाव मिले हैं। यह घाव किसी धारदार हथियार से किए गए हैं। कातिल ने घनश्याम की गर्दन, हाथ पैर पर हमले किए। इसके अलावा गर्दन काट दी थी। अधिक खून बह जाने के कारण किसान की मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट कातिल के गुस्से को बयां कर रही है। माना जा रहा है कि हत्यारोपी ने हमला करते समय पूरा गुस्सा निकाला है। पुलिस अफसरों का मानना है कि ऐसी हत्याएं किसी गहरी रंजिश की ओर इशारा करती हैं। पुलिस टीमें कई बिंदुओं पर काम कर रही हैं।
छोटे भाई के बेटे को लिया था गोद
घनश्याम सिंह के दो भाई खेम सिंह और कमल सिंह हैं। तीनों भाइयों के परिवार पाकबड़ा के बड़ा मंदिर सैनी वाले मोहल्ले में रहते हैं और खेतीबाड़ी करते हैं। घनश्याम की पत्नी आनंदी के कोई संतान नहीं हुई थी। तब घनश्याम ने अपने छोटे भाई खेम सिंह के बेटे अजय को बचपन में ही गोद ले लिया था और उसे औलाद की तरह ही पाला। अजय की शादी हो चुकी है और उसके चार बच्चे हैं।
बाजार का लिया था ठेका
पाकबड़ा में रामलीला मैदान में बुधवार को साप्ताहिक बाजार लगता है। इस बार बाजार का ठेका लेने वालों में घनश्याम सैनी भी शामिल हैं। बुधवार को पहली बार बाजार में उगाही की गई थी। जिसमें घनश्याम भी शामिल थे। उगाही के बाद खाना पीना भी किया गया था। जिस कारण घनश्याम को खेत पर जाने में देर हो गई थी।