यूपी पुलिस के इतिहास में पहली बार पीएसी रिक्रूट्स को प्रशिक्षण के प्रदेश के बाहर सीआरपीएफ और सीआईएफ के सेंटरों पर भेजा जाएगा। इसका मकसद पीएसी जवानों के बीच से अच्छे कमांडो तराशना है। पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण गोपाल गुप्ता ने सोमवार को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कहा कि 25 जुलाई से 34000 कांस्टेबिल रिक्रूट्स का प्रशिक्षण प्रदेश के 99 केंद्रों पर शुरू होगा। इसके लिए 800 शिक्षकों और 1100 आउटडोर व 700 इनडोर पीटीआई को प्रशिक्षित कर तैनात किया जा चुका है।
पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) ने कहा कि पहली बार पीएसी रिक्रूट को प्रदेश के बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजने का फैसला किया गया है। इसके लिए आठ सीआरपीएफ सेंटर और तीन सीआईएसएफ सेंटर चुने गए हैं। जहां पीएसी रिक्रूट्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया के मौजूदा समय की चुनौतियों को देखते हुए प्रशिक्षण में पाठ्यक्रम को संशोधित किया गया है।
खास तौर पर साइबर क्राइम और यातायात प्रबंधन को इसमें शामिल किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को यह भी सिखाया जाता है कि वह पब्लिक के साथ अच्छा व्यवहार करें। अधिकारियों ने पुलिस अकादमी में स्थित साइबर लैब का निरीक्षण भी मुख्यमंत्री को कराया।
डीजी ट्रेनिंग ने कहा कि प्रदेश के 40 थानों में साइबर लैब की स्थापना की जा चुकी है। लखनऊ जोन में पुलिस कर्मियों को जनता के साथ सहानुभूति पूर्वक कार्य करने का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश में बाकी जगहों पर भी इस तरह का प्रशिक्षण निरीक्षकों और उप निरीक्षकों को दिया जाएगा।