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Moradabad News: छह घंटे बिजली कटौती से फूटा गुस्सा, बिजलीघर पर हंगामा

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मुरादाबाद। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली कटौती ने कांशीरामनगर के लोगों का सब्र जवाब दे दिया। शाम से शुरू हुई बिजली की आंखमिचौली रात तक जारी रही तो गुस्साए लोग घरों से निकलकर सीधे बिजलीघर पहुंच गए। रात करीब 11 बजे 60 से अधिक लोगों ने कांशीरामनगर बिजलीघर का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
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लोगों का आरोप था कि इलाके में फॉल्ट और ओवरलोडिंग अब रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है, लेकिन विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय केवल अस्थायी मरम्मत में जुटा रहता है। बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे 33 केवी लाइन के केबल बक्से में खराबी आने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। भीषण गर्मी में लोग घंटों पसीने से तरबतर रहे। रात करीब साढ़े आठ बजे सप्लाई बहाल हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन यह राहत ज्यादा देर नहीं टिक सकी। कुछ ही देर बाद फिर बिजली गुल हो गई। लगातार ट्रिपिंग और बार-बार फॉल्ट से परेशान लोगों का गुस्सा भड़क उठा।
लोग जब बिजलीघर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि ओवरलोडिंग के कारण नया फॉल्ट हो गया है और उसे ठीक करने के लिए पर्याप्त लाइनमैन भी मौके पर मौजूद नहीं हैं। यह सुनते ही लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने अधिकारियों से बात कर जल्द सप्लाई बहाल कराने का आश्वासन दिया।
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बिजली संकट केवल कांशीरामनगर तक सीमित नहीं रहा। टाउनहॉल क्षेत्र में बुधवार रात भर लोग अंधेरे में रहे, जबकि लाइनपार के दुर्गानगर में भी पूरी रात सप्लाई बाधित रही। बिजली कटौती के कारण कई इलाकों में पेयजल संकट भी खड़ा हो गया। इनवर्टर जवाब दे गए और लोगों की रात जागकर कटी।
अधिशासी अभियंता योगेश कुमार सिंह ने बताया कि 33 केवी लाइन का केबल बक्सा क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति प्रभावित हुई। वहीं 11 केवी के अधिशासी अभियंता विकासदीप के अनुसार फाल्ट ठीक होने के बाद सप्लाई शुरू की गई तो ओवरलोडिंग की समस्या सामने आ गई, जिससे बार-बार व्यवधान पैदा हुआ।
लोगों के बयान
शाम से रात तक बिजली नहीं आई। बच्चे गर्मी से बिलबिलाते रहे और बुजुर्गों की हालत खराब हो गई। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। आखिरकार मजबूर होकर लोगों को बिजलीघर पहुंचकर विरोध करना पड़ा।
विपिन कश्यप
हर दूसरे दिन फॉल्ट का बहाना सुनने को मिलता है। बिजली कटने से पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो जाती है। बच्चों, बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। विभाग केवल आश्वासन देता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं करता।
लव शर्मा
बिजली निगम को पहले से पता है कि गर्मियों में लोड बढ़ेगा, फिर भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जाती। घंटों बिजली गुल रहने से सभी कार्य प्रभावित हुए। विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
विनय कुमार
रात में छोटे बच्चे गर्मी से रोते रहे। इनवर्टर भी जवाब दे गया। बिजली कब आएगी, इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। अगर समय पर सूचना मिल जाए तो लोग अपनी व्यवस्था कर सकते हैं।
अभिषेक जैन
बिजलीघर पहुंचने पर पता चला कि फॉल्ट ठीक करने के लिए कर्मचारी ही नहीं हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। जब गर्मी चरम पर है तो विभाग को अतिरिक्त स्टाफ और संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए।
कपिल
लगातार ट्रिपिंग से घरों के बिजली उपकरण खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कई लोगों के इनवर्टर और इलेक्ट्रॉनिक सामान प्रभावित हुए हैं। विभाग को जवाबदेही तय करनी चाहिए ताकि ऐसी नौबत दोबारा न आए।
ब्रजपाल सिंह
बिजली न होने से पूरी रात पानी की टंकियां नहीं भर सकीं। सुबह लोगों को पेयजल के लिए भी परेशान होना पड़ा। बिजली संकट अब केवल रोशनी का नहीं बल्कि बुनियादी सुविधाओं का संकट बन गया है।
रामपाल सिंह
घंटों इंतजार और शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं मिला तो लोगों का गुस्सा स्वाभाविक था। विभाग को हर बार फॉल्ट और ओवरलोडिंग का बहाना छोड़कर बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
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ओमप्रकाश सिंह
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