मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने बहुत से परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। बच्चों के सिर से माता-पिता का साया छीनकर उन्हें अनाथ बना दिया है। प्रदेश सरकार ने ऐसे बच्चों की देखभाल का जिम्मा लिया है। चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति के माध्यम से ऐसे बच्चों की शिशु सदन में देखभाल की जाएगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जिले में भी कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या अभिभावकों को खो दिया है या उनके माता पिता कोरोना संक्रमण के चलते अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। इस कारण उन बच्चों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है, ऐसे में 18 वर्ष से कम आयु वर्ग वाले बच्चों के पुनर्वासन की व्यवस्था कराई जाएगी। संरक्षण अधिकारी शिवांगी शर्मा ने बताया कि जिन बच्चों के माता-पिता कोरोना को मात देने के लिए अस्पताल में भर्ती हैं या उनकी मौत हो चुकी या किसी अन्य कारण से बच्चों की देखभाल करने वाला परिवार में कोई नहीं है तो ऐसे बच्चों का शिशु सदन में लालन पालन किया जाएगा। यदि आपके पड़ोस में ऐसे बच्चे हैं तो चाइल्ड लाइन के हेल्प लाइन नंबर 1098 या महिला 181 पर जानकारी दे सकते हैं। इसकी सूचना जिलाधिकारी और राज्य बाल संरक्षण आयोग को भी दी जा सकती है। ऐसे बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से आश्रय गृह में रखा जाएगा।