मुरादाबाद के अधिवक्ता जुनैद एजाज की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश ने दिए आदेश
उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम में है प्रावधान, लेकिन नहीं बनी है महानगरों में समिति
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सूबे के सभी महानगरों में विकास के लिए महानगर योजना समितियों के गठन का आदेश दिया है। उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम में इसका प्रावधान है। यह फैसला मुरादाबाद के अधिवक्ता जुनैद एजाज की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति डा. डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने दिया है। प्रदेश सरकार को इसके गठन के लिए निर्देशित किया गया है।
अधिवक्ता मोहम्मद जुनैद एजाज ने जनवरी 2016 में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की थी। याचिका में बताया गया कि संविधान में वर्ष 1993 में संशोधन कर अनुच्छेद 243 जेड ई जोड़ा गया गया जिसमें महानगर योजना समिति के गठन का प्रावधान किया गया है।
इसी के अनुरूप उत्तर प्रदेश के नगर निगम अधिनियम 1959 में भी संशोधन किया गया। इसके 23 साल बाद भी प्रदेश के किसी महानगर में समिति नहीं गठित की गई। याचिका पर विचार करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति डा. डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने यूपी के सचिव नगर विकास से जवाब तलब किया।
जवाब में कहा गया कि प्रदेश सरकार जल्द ही विचार कर महानगर योजना समिति का गठन करने जा रही है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता क्षितिज शैलेंद्र ने पक्ष रखा। मुख्य पीठ ने तीन मार्च 2016 को प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द महानगर समिति के गठन के आदेश दिए हैं। यह भी कहा गया कि प्रदेश सरकारी इस दिशा में जल्द कदम नहीं उठाती तो याचिकाकर्ता इसकी शिकायत कर सकते हैं।