बिलारी। सहसपुर विद्युत उपखंड के छह बिजली उपकेंद्रों पर केवल तीन जेई तैनात होने से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
लगभग चार वर्ष पहले बिलारी विद्युत उपखंड से एक नया सहसपुर विद्युत उपखंड बनाया गया। इस उपखंड में सहसपुर, सफीलपुर, बेरनी, सिहारी माला, डारनी और स्योंडारा उपकेंद्र हैं लेकिन इनकी देखरेख के लिए महज तीन अवर अभियंता तैनात हैं। प्रत्येक जेई के जिम्मे दो विद्युत उपकेंद्रों हैं। जेई की कमी होने की वजह से भी उपकेंद्रों का संचालन प्रभावित हो रहा है। भाकियू टिकैत के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह यादव ने बीते दिनों मुख्य अभियंता विद्युत से मिलकर संभल जिले के डारनी और बेरनी उपकेंद्र को चंदौसी विद्युत उपखंड में शामिल करने की मांग उठाई थी लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है।
उधर, तीन दिन पहले सहसपुर विद्युत उपकेंद्र पर हुए धरना- प्रदर्शन के दौरान किसानों द्वारा जेई को हटाने की मांग पर अबतक कार्रवाई नहीं हुई है। भाकियू टिकैत के नेता शुभम राठी के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने एक लाइनमैन पर विद्युत ट्रांसफार्मर में तेल डालने के नाम पर सुविधा शुल्क वसूलने का आरोप खुलकर लगाया था। इस मामले में एसडीओ द्वारा जेई महेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए दो बार पत्र भेजने के बाद भी जेई के खिलाफ कार्रवाई न करने से उपभोक्ताओं में नाराजगी है।
इसके अलावे सहरपुर उपकेंद्र के जर्जर तार नहीं बदले जाने पर ग्रामीणों ने रोष है। दो माह पहले सहसपुर में जर्जर तार की चपेट में आने से किसान के एक बैल की मौत हो गई थी तथा किसान भी चोटिल हो गया था। लगभग 15 दिन पहले सहसपुर में ही ईंट भट्ठा मजदूर की जर्जर तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। सहसपुर गांव के प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद सलीम अंसारी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा लगातार मांग किए जाने के बावजूद अनेक विद्युत लाइनों के जर्जर तार अभी तक नहीं बदले गए हैं। संवाद