मुरादाबाद। मंडल स्तरीय जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक में सिर्फ 19 यूनिट रक्त शेष बचा है। मंडल में लगातार हो रहे वीवीआईपी दौरे व थैलेसीमिया पीड़ितों को बढ़ी दिक्कत के कारण रक्त कोष सूखने लगा है। अक्तूबर 2023 के बाद किसी संस्था की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन न होना बड़ी वजह है।
अब स्थिति यह है कि अंति गंभीर स्थिति के अलावा किसी भी व्यक्ति को बिना डोनर के रक्त नहीं दिया जा रहा है। पीआरवीसी के 19 यूनिट शेष हैं, जबकि तीन यूनिट संपूर्ण रक्त (होल ब्लड) है। कई ब्लड ग्रुप ऐसे हैं, जोकि ब्लड बैंक में उपलब्ध नहीं रह गए हैं। हाल ही में संभल के एचोड़ा कंबोह में श्री कल्किधाम शिलान्यास समारोह के दौरान 12 यूनिट रक्त भेजा गया था, जोकि संभल में ही रख लिया गया। इसके अलावा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दौरे पर भी चार यूनिट रक्त की व्यवस्था की गई थी, जोकि वापस मिल गया।
डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी कम होने के बाद थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को परेशानी बढ़ गई है। हाल ही में 50 से ज्यादा पीड़ित बच्चों को निशुल्क व बिना डोनर के रक्त दिया गया है। दुर्घटना के मामलों में भी रक्त की उपलब्धता की गई। अब यह स्थिति नहीं है कि बदले में रक्त लिए बिना किसी को दिया जा सके। ऐसे में जरूरतमंद मरीज भी सरकारी ब्लड बैंक से निराश लौट रहे हैं। डायलिसिस वाले, दुर्घटना पीड़ित व्यक्तियों के परिजन रिश्तेदारों को बुलाकर मदद मांग रहे हैं।
इस तरह कर सकते हैं मदद
जिला अस्पताल प्रबंधन ने समाज सेवी संस्थाओं से अपील की है कि जरूरतमंद मरीजों व दुर्घटना पीड़ितों को नया जीवन देने के लिए रक्तदान करें। एसआईसी डॉ. संगीता गुप्ता का कहना है कि यदि कोई संस्था रक्तदान शिविर लगाना चाहती है तो ब्लड बैंक में सीधे संपर्क किया जा सकता है। संसाधन अस्पताल की ओर से उपलब्ध करा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2023 के बाद से कोई मंडल स्तर पर कोई बड़ा शिविर आयोजित नहीं हुआ है।
वर्जन
हमनें कॉलेजों के छात्रों व पॉलीटेक्निक में संपर्क किया है। जल्द ही शिविर आयोजित होने की उम्मीद है। फिलहाल रक्त की कमी है। सिर्फ 19 यूनिट शेष हैं। अति आवश्यक के अलावा किसी को बिना डोनर रक्त नहीं दिया जा रहा है।
- डॉ. संगीता गुप्ता, एसआईसी, जिला अस्पताल