कांठ। तीन महीने पहले छजलैट में बिजनौर मार्ग के किनारे लगे डेरे से डेढ़ साल मासूम मोहन लापता हो गया था। उसी दिन से उसके मां-बाप का एक-एक दिन रो-रोकर बीत रहा है। बेटे के गम में परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
मूल रूप से कांठ के गांव नवादड़ी का रहने वाला अंकित छजलैट में बिजनौर मार्ग के किनारे डेरा लगाकर जड़ी-बूटी बेचता है। अंकित अपनी मां ईमामन, पत्नी बंटी, तीन साल के बेटे रोहन, डेढ़ साल के मोहन और बेटी दीप्ति के साथ इसी डेरे में पिछले पांच साल से रह भी रहा है। 16 अक्तूबर 2025 को शाम पांच बजे के करीब अंकित के दोनों बेटे डेरे के बाहर चारपाई पर खेल रहे थे। वह किसी काम से छजलैट किसान तिराहा पर आ गया था। पत्नी बंटी डेरे में सामान लेने चली गई थी, इसी बीच बाहर खेल रहा मासूम मोहन रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। पुलिस ने इस मामले में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही बच्चे की तलाश शुरू कर दी थी। कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। साथ ही सर्विलांस, एसओजी टीम भी लगाई गई। पुलिस टीमों ने खुद और ड्रोन की मदद से भी दूर तक जंगल को भी खंगाला। दूसरे जनपदों तक भी पुलिस ने पूछताछ की। बच्चे के लापता होने के समय इधर से गुजरे वाहनों की भी डिटेल निकाली गई तो वहीं सीडीआर को भी खंगाला गया। बच्चे के परिजन भी तलाश में लगे रहे, लेकिन आज तक मासूम मोहन का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
शनिवार को अंकित ने कहा कि वह कहते हैं तो पुलिस हर बार बच्चे को तलाश करने का भरोसा देती है। मगर वह आज तक उसे खोज नहीं पाई है। अब तो उनका भरोसा भी टूटता ही जा रहा। मां बंटी कहती है कि हर वक्त बेटे की याद आती है। बताते हुए उसकी आंखें भर आईं बोली कि उसका बेटा मोहन मिल जाए तो उसे और कुछ नहीं चाहिए। इस मामले में एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह का कहना है कि बच्चे की तलाश जारी है।