किरनमई के पति की तलाश में मायके वाले पड़ोसी के घर में घुस गए। पड़ोसियों ने बचाव में ईंट-पत्थर मारे तो मायके वाले बाहर आ गए। सूचना पर पहुंचे सीओ राजेश कुमार तिवारी ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। रक्षाबंधन के दिन हुई किरनमई की मौत से उसके छह भाइयों की कलाई सूनी रह गई।
संभल जिले के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के गांव शाहपुर चमारान निवासी हरद्वारी ने सोनकपुर थाने में तहरीर दी। बताया कि 27 अप्रैल 2024 को उसने बेटी किरनमई की शादी सोनकपुर थाना क्षेत्र के गांव बरखेड़ा निवासी अमरजीत के साथ की थी। बेटी के ससुराल वाले शादी में मिले दहेज से खुश नहीं थे। दहेज में पांच लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर किरनमई को जान से मारने की धमकी देते थे। इसको लेकर कई बार पंचायत भी हुई थी और मायके वालों ने 50 हजार रुपये बेटी के पति और ससुराल वालों को दिए, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वाले महिला का उत्पीड़न करते रहे।
सोमवार तड़के चार बजे गांव शाहपुर चमारान के प्रधान ने महिला के पिता को बताया कि किरनमई की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। इसके बाद महिला के मायके वाले पहुंच गए तो फंदे पर शव लटका था। उसका पति घर पर नहीं था। हरद्वारी ने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने उसकी बेटी की हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया और भाग गए।
सूचना मिलने पर सीओ राजेश तिवारी मौके पर पहुंंचे। परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं होने तक शव को फंदे से उतारने से मना कर दिया और हंंगामा करने लगे। सीओ के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए। मामले में पुलिस ने आरोपी पति अमरजीत, जेठ अभय सिंह और प्रेम सिंह, सास कांता, ससुर गिरवर, ननद रिंकी, अभय की पत्नी और प्रेम सिंह की पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
छह भाइयों की इकलौती बहन थी किरनमई
किरनमई छह भाइयों सोनू, अवनीश, कपिल, विक्रांत, सुमित और भारत सिंह की इकलौती बहन थी। किरनमई की मौत की सूचना मिलने पर चीखपुकार मच गई। उसकी मां बीना देवी बदहवास हो गईं। रक्षाबंधन पर्व पर इकलौती बहन की मौत से भाई भी बेहाल हो गए। गम से बेहाल परिवार को रिश्तेदार ढाढ़स बंधाते नजर आए।