मैनाठेर थाना क्षेत्र के कलालखेड़ा गांव में पड़ोसी ओमपाल की हत्या करने वाले आरोपी स्कूल संचालक भारत सिंह और उसके चार भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में स्कूल संचालक ने बताया कि ओमपाल ने 18 साल पहले उनके पिता की हत्या की थी। गांव के लोग उन्हें ताने देते थे कि बहुत तीस मार खां बने घूमते हैं अब तक अपने पिता का बदला भी नहीं लिया गया।
इन ताने से तंग आकर इस वारदात को अंजाम दिया गया था। आठ दिसंबर की रात करीब नौ बजे मैनाठेर क्षेत्र के कलालखेड़ा गांव निवासी ओमपाल (40) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस पर धारदार हथियार से भी हमला किया गया था। इस मामले में ओमपाल की पत्नी ने गांव निवासी भारत सिंह, उसके भाई कुलवंत, जगत सिंह, देवराज, रंजीत, संजीव और रिश्ते के भाई हरपाल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि बुधवार को हत्यारोपी भारत सिंह, कुलवंत, रंजीत, संजीव और देवराज को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में भारत ने बताया कि 18 साल पहले बच्चों के विवाद में ओमपाल ने उनके पिता लाखन सिंह की हत्या कर दी थी। उस वक्त भारत सिंह की उस उम्र 12 साल थी।
ओमपाल पक्ष ने भी उनके परिवार पर केस दर्ज करा दिया था। दोनों केस कोर्ट में विचाराधीन है। जमानत पर रिहा होने के बाद ओमपाल गांव छोड़कर चंडीगढ़ में रहने लगा था। कुछ दिन पहले ही ओमपाल गांव आया और मकान बनाने लगा था। भारत सिंह ने बताया कि वह एमए बीएड है और गांव में स्कूल चलाता है।
भारत और उसके भाइयों को लोग ताने देते थे कि वह अब तक अपने पिता की हत्या का बदला नहीं दे पाए हैं। गांव में वैसे तो बड़े तीस मार खां बने घूमते हैं। लोगों की यह बातें उन्हें चुभने लगी थीं। घटना वाली रात हम सभी भाई ताऊ के घर इकट्ठा हो गए और ओमपाल के आने आ इंतजार करने लगे थे।
ओमपाल पत्नी और बेटे के साथ मकान निर्माण कराने के बाद अपने भाई के घर जाने लगा तो उसे रास्ते में घेर लिया और हमलाकर हत्या कर दी थी। बचाने आई उसकी पत्नी और बेटे पर भी हमला किया गया था। एसपी देहात ने बताया कि पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश करन के बाद जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।