सचिव ने बताया कि उपाध्यक्ष एक दिन पहले लखनऊ में आयोजित शासकीय बैठक में गए थे। अवकाश पर हैं। इसकी जानकारी समिति को नहीं दिए जाने पर सभापति ने एमडीए वीसी को लखनऊ तलब कर लिया। वहीं, अधीक्षण अभियंता (एसई) आवास विकास महेंद्र कुमार से सभापति ने जनपद में जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद किए जाने के बारे में पूछा।
यह सवाल भी किया कि क्या जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर उनके पास हैं। एसई बैठक में माैजूद एमएलसी एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चाैधरी को पहचान तक नहीं पाए। एमएलसी गोपाल अंजान को पहचान गए लेकिन उनका मोबाइन नंबर नहीं बता पाए। हैरत की बात यह है कि सभापति के पूछने पर वह जिले में विधायकों की सही संख्या भी नहीं बता सके।
इससे नाराज होकर सभापति ने उन्हें लखनऊ तलब कर लिया।बैठक में एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि जिले में एक साल में 19 पुलिस चौकियां स्थापित कराई गई हैं। सभापति ने कहा कि उच्च शिक्षा की प्रबंधन समितियों द्वारा शासनादेश का पालन नहीं किया जा रहा है। प्रबंधन समितियों के मनमानी पूर्ण रवैये पर रोक लगाई जाए।
इस दाैरान समिति के अनुसचिव अरुण प्रकाश शर्मा, समीक्षा अधिकारी मयंक यादव, प्रतिवेदक आशीष सिंह, एआरओ अभिनव तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह, मेयर विनोद अग्रवाल के साथ मुरादाबाद, रामपुर, संभल और अमरोहा के डीएम और पुलिस कप्तान मौजूद रहे।
हर तीन महीने पर कराएं विद्युत समिति की बैठक, लखनऊ भेजें रिपोर्ट
सभापति ने अधीक्षण अभियंता विद्युत प्रशांत कुमार से जनप्रतिनिधियों से मिले प्रस्तावों पर हुए कामों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने हर तीन महीने पर जिला विद्युत समिति की बैठक के बारे में अधीक्षण अभियंता से पूछा। इस पर अधीक्षण अभियंता ने बताया कि करीब नाै माह पहले बैठक हुई थी, जिस पर सभापति ने कहा कि शासन की गाइड लाइन है कि हर तीन माह में जिला विद्युत समिति की बैठक होनी चाहिए। इस बाद होने वाली बैठक की रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाए।