मुरादाबाद। गांव त्रिलोकपुर में कृषि और आवास भूमि को पट्टे पर दिए जाने में बरती गई अनियमितता उजागर होने के बाद आवंटन में शामिल अधिकारी सवालों के घेरे में आए गए हैं। लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार की संस्तुति पर एसडीएम ने भूमि का आवंटन किया था। वहीं जांच के आधार पर एसआईटी पहले की पट्टा निरस्त करने की संस्तुति कर चुकी है।
वर्ष 2023 में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की आख्या पर नायब तहसीलदार नगर और तहसीलदार की संस्तुति पर एसडीएम ने सदर तहसील क्षेत्र के गांव त्रिलोकपुर में पांच महिलाओं को करीब 0.486 हेक्टेअर भूमि आवंटित की थी। इसी प्रक्रिया के जरिये दस लोगों को करीब एक हजार वर्ग मीटर भूमि आवास के लिए आवंटित की गई थी। त्रिलोकपुर के ग्रामीणों ने डीएम से 2023 में डेढ़ एकड़ जमीन अवैध ढंग से पट्टे पर दिए जाने की शिकायत की थी। डीएम ने एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में एसआईटी गठित जांच कराई तो कृषि और आवास भूमि के पट्टे में अनियमितता पाई गई। पात्र व अपात्रता के चयन का कोई आधार स्पष्ट नहीं पाए गए। एसआईटी को माैके पर आवंटियों के आवास मिले। कुछ के पास कृषि भूमि भी पाए गए। ऐसे दस से अधिक बिंदुओं की जांच में अनियमितता उजागर होने पर एसआईटी ने आवंटियों के पट्टा निरस्त करने के लिए डीएम को अपनी जांच रिपोर्ट साैंप दी है।
ऐसे स्थिति में भूमि आवंटन की संस्तुति करने वाले लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार प्रक्रिया पर सवाल उठने लगा है।